भाजपा और मोदी जी का विरोध करने के लिए एक पत्रकार को हुई जेल, मिली एक साल कारावास की सज़ा
वांगखेम को भारतीय दंड संहिता की धारा 294 और 500 के तहत गिरफ़्तार किया गया है और उन पर राजद्रोह के लिए धारा 124A भी लगाई गई है.
मणिपुर के एक पत्रकार किशोरचन्द्र वांगखेम को नेशनल सिक्यूरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत 12 महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई है. सरकारी आदेश के अनुसार वांगखेम को इसलिए यह सज़ा दी गई ताकि “उन्हें देश की सुरक्षा को किसी भी तरह से हानि पहुँचाने से रोका जा सके और राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था स्थापित किया जा सके”.
गौरतलब है कि मणिपुर पुलिस ने मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक विडियो फेसबुक पर पोस्ट करने के लिए वांगखेम को गिरफ़्तार किया. ख़बरों के मुताबिक़ इस विडियो में वांगखेम ने प्रदेश की भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ विरोध जताया है और भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए ख़राब भाषा का प्रयोग किया है.
वांगखेम को भारतीय दंड संहिता की धारा 294 और 500 के तहत गिरफ़्तार किया गया है और उन पर राजद्रोह के लिए धारा 124A भी लगाई गई है.
लेकिन वांगखेम को 26 नवम्बर को दोबारा एनएसए के तहत गिरफ़्तार किया गया और तब से उन्हें सजीवा जेल में रखा गया है.
द वायर की एक ख़बर के मुताबिक़ इस अधिनियम की धारा 9 के तहत स्थापित एक सलाहकार मंडल ने 9 दिसम्बर को वांगखेम के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की सुनवाई के लिए बैठक की थी.
उन्हें गिरफ़्तार करने के आदेश को स्वीकृति में कहा गया है कि “गिरफ़्तार आरोपी की पिछली गतिविधियों और उन गतिविधियों के संभावित ख़तरे को देखकर ऐसी शंका है कि इन गतिविधियों का फिर दोहराव होगा. इनकी गतिविधियों से राष्ट्र की सुरक्षा और व्यवस्था की बहाली को ठेस पहुंचेगा. इसलिए उन्हें इस अधिनियम की धारा 13 के तहत मिलने वाली अधिकतम सज़ा यानी 12 महीने की कारावास की सज़ा दी जाएगी.”