CBI विवाद : कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आलोक वर्मा के लिए लगाई थी इंसाफ़ की गुहार, चौकीदार ने ठुकराया
कोर्ट ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले को नियमों का उल्लंघन बताया था.
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय कमेटी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटा दिया है. इस कमेटी में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड्गे ने कमेटी से मांग की थी कि आलोक वर्मा को उनके पूरे अधिकार दिए जाएं.
उच्च स्तरीय कमेटी में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कमेटी के सामने तीन मांगें रखी थी, जिसे ठुकरा दिया गया. उनकी मांगें थीं-
1.आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के अधीन नीतिगत फ़ैसले लेने का अधिकार दिया जाए.
- 23 अक्टूबर 2018 को पद से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा के कार्यकाल में हुए 77 दिनों के नुकसान की भरपाई के लिए उनके कार्यकाल को अगले 77 दिनों तक बढ़ाया जाए.
- बीते 23-24 अक्टूबर को आधी रात के समय आलोक वर्मा को पदच्युत करने के सरकार के फ़ैसले की स्वतंत्र जांच कराई जाए.
This is what @MallikarjunINC said in the High Powered Committee meeting on #AlokVerma #CBIvsCBI pic.twitter.com/saMLvMAyeC
— Poonam Agarwal (@poonamjourno) January 10, 2019
बता दें कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच विवाद के बाद मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिर से आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल कर दिया था. कोर्ट ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले को नियमों का उल्लंघन बताया था.