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मध्यप्रदेश पुलिस ने की बेगुनाह दलित युवक की बेरहमी से पिटाई, झूठे मामले में फंसाने का आरोप

संबंधित धाना प्रभारी को किया गया लाइन अटैच, एसडीओपी कर रहा मामले की जांच

पुलिस पर किसी खास धर्म और जाति के लोगों को प्रताड़ित करने के आरोप कई बार लगते रहे हैं। देश में हो रहीं इससे संबंधित अनेक घटनाएं पुलिस को और भी संदेह के घेरे में डालती है। कई मामलो में ऐसा देखने को मिला है कि पुलिस अल्पसंख्यकों और दलितों को बिना किसी गुनाह के ही धर दबोचती है और उनकी बेरहमी से पिटाई करती है।

ताज़ा मामले में एक घटना मध्यप्रदेश से जु़ड़ी है, जिसमें शिवपुरी ज़िले के इंदार थाना पुलिस एक दलित युवक को घर से उठा लिया और उसे दो दिन तक थाने में ही बेरहमी से पिटती रही।

गौरतलब है कि यह मामला पिछले सप्ताह शनिवार का है लेकिन मीडिया में नहीं आने के कारण किसी का इस पर किसी का ध्यान नहीं गया।

न्यूज़ 18 के इस मामले का खुलासा करती एक रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को इंदार पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने एक दलित, परमाल जाटव, को उसके घर से उठा लिया और थाने में दो दिनों तक उसके साथ बहुत मार-पीट की। इसके बाद एक झूठे 151 के मामले का आरोपी बनाकर उसे एसडीएम कोलारस के यहां पेश कर दिया गया लेकिन उसे वहाँ से ज़मानत मिल गयी।

शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने इंदार थाना प्रभारी रवि कुमार को लाइन अटैच कर दिया है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच एसडीओपी कोलारस को सौंप दी गई है। एसडीओपी कोलारस ने इस मामले की जांच प्रारंभ कर दी है और उनका कहना है कि वे जल्द ही रिपोर्ट एसपी को सौंप देंगे।

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