शिव ‘राज’ में ज्ञानालय बना मदिरालय, शराबियों के डर से लाठी-डंडे लेकर बैठने को मजबूर स्कूल शिक्षिकाएं
स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी
जब ज्ञानालय मदिरालय में बदल जाए और स्कूल पर शराबी-नशेड़ियों का कब्जा हो जाए, फिर ‘स्कूल चलो’ का नारा देने का कोई मतलब नहीं रह जाता। मामला है मध्यप्रदेश में श्योपुर ज़िले के एक स्कूल का, जहां शराबियों और जुआरियों के उत्पात की वज़ह से शिक्षिकाओं को बच्चों और ख़ुद की रखवाली के लिए लाठी-डंडों का सहारा लेना पड़ता है।
हिंद किसान की एक रिपोर्ट के अनुसार इस स्कूल की कक्षा के लिए जो अलग से छह-साल पहले भवन बनकर तैयार हुआ था, वो अब तक स्कूल को हैंडओवर नहीं किया गया है और ये जगह शराबियों का अड्डा बन गया है। शराबी आए दिन उत्पात मचाते हैं और बच्चों और शिक्षिकाओं को तंग करते हैं। भयभीत बच्चे और स्कूल की शिक्षिकाएं ख़ुद की सुरक्षा के लिए लाठी और डंडे लेकर बैठने को मजबूर हैं।
शराबियों के डर के अलावा यह स्कूल मूलभूत सुविधाओं से भी महरूम है। न पीने के लिए पानी है और न पढ़ने-पढ़ाने के लिए बिजली।
जब इस बाबत अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही।