शर्मनाक: मध्यप्रदेश में गौ-तस्करी के आरोप में दो लोगों पर दर्ज हुआ रासुका का मुक़दमा
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में अधिकारियों ने दो व्यक्तियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुक़दमा दर्ज किया है.
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में अधिकारियों ने दो व्यक्तियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुक़दमा दर्ज किया है. मवेशियों के कथित अवैध व्यापार करने और सार्वजनिक स्थल की शांति भंग करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है.
इससे पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने कथित गोकशी के आरोप में खंडवा जिले में तीन लोगों पर रासुका लगाया था. इस काले कानून के प्रयोग के लिए मध्यप्रदेश की नई नवेली सरकार आलोचनाओं से घिर गई है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सिंह चौहान सरकार में गौकशी के आरोप में 22 लोगों पर रासुका लगाई गई थी.
कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी अजीत तिवारी का कहना है, “उज्जैन जिले के लांबाखेड़ा निवासी महबूब खान और आगर मालवा जिले के रोदूमल मालवीय को गौ-तस्करी और सार्वजनिक स्थल पर शांति भंग करने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है. गिरफ़्तारी के बाद न्यायालय ने उन्हें उज्जैन केन्द्रीय कारा भेज दिया है.”
पुलिस के मुताबिक आगर मालवा शहर के बस स्टैंड इलाके में बीते 29 जनवरी को तनाव देखने को मिला था. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी एक गाड़ी में गाय लेकर जा रहे थे. इस पर वहां मौजूद लोगों ने उनका विरोध किया, जिसके बाद शहर का बाजार बंद हो गया था. इसके बाद पुलिस ने उनके ऊपर मुक़दमा दर्ज किया.
इस मामले में आगर मालवा जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला कलक्टर अजय गुप्ता ने रासुका का मुक़दमा दर्ज किया.
दो दिन पहले मंदसौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कोई भी मुक़दमा दर्ज करना पुलिस के हाथ में होता है. खंडवा जिले में तीन लोगों पर रासुका का मुक़दमा लगाने वाले फ़ैसले को उन्होंने ग़ैरजरूरी बताया था.
(पीटीआई इनपुट्स पर आधारित)