भाजपा नेता के होटल में रखी गई थी ईवीएम मशीन, दो अधिकारी निलंबित
चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में कहा कि रिजर्व माइक्रो अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी ईवीएम को होटल ले जाने में शामिल थे.
मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग ने शाजापुर के सरकारी अधिकारी और मेडिकल स्टाफ के सदस्य को चुनावी वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटिंग-वेरिफाईंग पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों को कथित रूप से भाजपा से जुड़े नेता के होटल में रखने के लिए निलंबित कर दिया है. चुनाव आयोग के आदेशों का उल्लंघन करते हुए राज्य में चुनाव से ठीक एक दिन पहले 27 नवंबर मंगलवार को ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा था.
ईसी ने अपने प्रेस नोट में कहा कि एक रिजर्व माइक्रो अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी ईवीएम और वीवीपीएटी को शाजापुर में स्थित राज महल होटल ले जाने में शामिल थे.
होटल में रहने वाले चार अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था. अधिकारियों पर नशे में धुत रहने का भी आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, ईसी को सूचना मिलने पर सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रात में होटल पहुंचे थे.
EC confirms poll officials along with reserved EVM machine checked into Raj Mahal Hotel, Shajapur on Nov 27 against the instructions of the commission pic.twitter.com/mD9RzttTSV
— Arvind Gunasekar (@arvindgunasekar) November 30, 2018
ईसी ने कहा है कि ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की इंजीनियरों द्वारा जांच करवाई गई थी और जांच में पता चला कि मशीनों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं की गई थी. चारों अधिकारियों को उसी रात बदल दिया गया था.
बुधवार, 28 नवंबर को सोहनलाल बजाज, सेक्टर ऑफिसर और कम्पाउंडर मोहम्मद रईस मंसूरी, मेडिकल स्टाफ सदस्य को निलंबित कर दिया गया था. पुरुषों के नशे में होने के आरोपों को नकारते हुए ईसी ने कहा कि सभी चार अधिकारी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करेंगे.