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मध्यप्रदेश: भाजपा के 53 बाग़ी नेता निष्कासित, टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में भारी असंतोष

28 नवम्बर को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनके परिणाम 7 दिसम्बर को घोषित किए जाएंगे.

विधान सभा और लोक सभा चुनावों के क़रीब आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अंदरूनी लड़ाई जमीन पर दिखने लगी है. इसे देखते हुए पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई ने अपने 53 नेताओं को ‘अनुशासनहीनता’ का आरोप लगाकर निष्कासित कर दिया है. पार्टी के नेता सरताज सिंह, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया और भिंड के विधायक नरेन्द्र कुशवाहा को भी निष्कासित कर दिया गया है.

गौरतलब है कि सरताज सिंह भाजपा द्वारा टिकट न मिलने के बाद पिछले हफ्ते कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें होशंगाबाद विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं रामकृष्ण कुसमरिया ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है.

ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता, लता मेहसकी, धीरज पटेरिया और राजकुमार यादव को भी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. हालांकि समीक्षा गुप्ता ने ख़ुद ही यह घोषणा की थी कि वे पार्टी से इस्तीफ़ा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी.

बहरहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट वितरण को लेकर विरोध उत्पन्न हो रही है. इसलिए इस स्थिति को सम्भालने के लिए दोनों पार्टियों ने विद्रोह करने वाले सभी नेताओं से चुनाव से अपना नाम वापस लेने के लिए कहा है.

फ़र्स्टपोस्ट की एक ख़बर के मुताबिक़ मध्यप्रदेश में विधानसभा की 230 सीट है और दोनों पार्टियों के सूत्रों की मानें तो ये बाग़ी नेता तक़रीबन 30 सीटों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे.

ग़ौरतलब है कि 28 नवम्बर को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनके परिणाम 7 दिसम्बर को घोषित किए जायेंगे.

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