अंदरूनी सर्वे का रिजल्ट देखकर BJP को लगा झटका, उत्तर प्रदेश में हो सकता है 51 सीटों का नुक़सान
हिंदी पट्टी के लगभग सभी राज्यों में सीटों को लेकर भाजपा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच सरगर्मी बढ़ गई है. आम चुनाव को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार ने अपनी स्थिति जानने के लिए एक सर्वे का आयोजन किया है. लेकिन सर्वे के नतीजे मोदी सरकार के लिए चिंता का विषय बनते नज़र आ रहे हैं. दरअसल सर्वे की माने तो आगामी चुनावों में भाजपा को उत्तर प्रदेश में 51 सीटों का नुकसान हो सकता है. वहीं हिंदी पट्टी के भी लगभग सभी राज्यों में पार्टी को सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश में भाजपा को 51 सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है. जिसकी सबसे बड़ी वजह बसपा-सपा के बीच गठबंधन को माना जा रहा है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को 80 सीटों में से 71 पर जीत हासिल हुई थी, लेकिन ताज़ा सर्वे के हिसाब से भाजपा को उत्तर प्रदेश में केवल 20 सीटें ही मिल सकती हैं.
ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुकाबला करने और उसे सत्ता से बाहर करने के लिए बसपा-सपा ने गठबंधन किया है. राज्य में दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी भी सक्रिय राजनीति में दस्तक दे चुकी हैं. प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है. ऐसे में भाजपा की परेशानियां अधिक बढ़ गई हैं. देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव में भाजपा कैसे अपने विरोधियों का सामना करती है.