May a good source be with you.

क्या खालिस्तान समर्थक UK में राहुल गाँधी के कार्यक्रम का हिस्सा थे?

Alt न्यूज़ की पड़ताल

“बेहद घिनौना!! लंदन में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की बैठक में भारत विरोधी खालिस्तान के समर्थक भाग ले रहे हैं। @RahulGandhi आप को इस खतरनाक राष्ट्रविरोधी कृत्य के लिए स्पष्टीकरण देना होगा। #RahulGandhiInLondon” (अनुवाद)

26 अगस्त को प्रीति गांधी ने ट्विट किया। उनके ट्विटर अकाउंट के मुताबिक प्रीति भाजपा महिला मोर्चा के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समर्थक हैं। पप्रीति गाँधी को पीएम मोदी समेत कई भाजपा के कई शीर्ष नेता फॉलो करते हैं।

प्रिती गांधी ने संदेश के साथ एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें सिख प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए जा रहे खालिस्तान समर्थक और भारत विरोधी नारे लगाते हुए देखा जा सकता है, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ब्रिटेन की यात्रा पर एक सभा को संबोधित किया था। उनके अनुसार, इन प्रदर्शनकारियों ने भारतीय ओवरसीज कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था। इस खबर के लिखे जाने तक इस ट्वीट को 4100 बार से अधिक रीट्वीट और 4600 बार से अधिक लाइक किया गया है।

इसी तरह का एक और वीडियो रोहित सरादाना फैन क्लब के फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा गया है। इस वीडियो को 3000 बार शेयर गया है। इसे आम आमदनी पार्टी नामक पेज ने भी पोस्ट किया है।

सभा में भाग लेने वाले या बिना बुलाये पहुँचने वाले?

जिन्हें प्रिती गांधी ने कथित तौर पर आरोपित किया है, क्या उन लोगों ने कार्यक्रम को बाधित किया था? नाओमी कैंटनजो ब्रिटेन में टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्टर हैं उनके अनुसार इस कार्यक्रम में चार प्रदर्शनकारियों ने बाधा डाला था। ये वो लोग थे जो राहुल गांधी की कड़ी सुरक्षा को पर कर कार्यक्रम में घूस आए थे।

राष्ट्रीय सिख युवा संघ के प्रवक्ता शमशेर सिंह ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में बताया कि “मैं अपने तीन सहयोगियों के साथ इस कार्यक्रम में 5.30 बजे कार्यक्रम स्थल पर एक तरफ के दरवाजे से अन्दर आ गया, क्योंकि वहां सुरक्षा थोड़ी कम थी। एक बार सुरक्षाकर्मी ने हमसे कुछ प्रश्न पूछे लेकिन हम आत्मविश्वास से चले गए और कहा कि हम इस कार्यक्रम के लिए यहां हैं। हमें एक टेबल मिला और वहां बैठ गए।”

इसके अलावा, टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों ने दिखाया कि सिख अलगाववादियों द्वारा लगाए गए नारे के जवाब में कांग्रेस पार्टी ने नारे लगाए।

कई अवसरों पर देखा गया है कि वीडियो और फोटो को राजनीतिक प्रचार के उद्देश्य से भ्रामक कैप्शन और अर्थ के साथ दूसरे संदर्भ में फैलाया जाता है। यह उदाहरण अलग नहीं है कि इस घटना को एक अलगाववादी की भागीदारी और वकालत के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया गया है।

अनुवाद: संजीत भारती के सौजन्य से

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+