अच्छी ख़बर: कांग्रेस नीत UDF की रेम्या हरिदास बनीं केरल की दूसरी दलित महिला सांसद
1971 में सीपीआई की उम्मीदवार केरल से चुनी जानी वाली पहली दलित महिला सांसद थीं.
रेम्या हरिदास केरल से चुनकर संसद पहुंचने वाली दूसरी दलित महिला बन गई हैं. उन्हें कांग्रेस नीत यूडीएफ ने अलातूर संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था. रेम्या हरिदास इससे पहले पंचायत स्तर की नेता थीं. 2011 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में रेम्या का चुनाव किया था. इन्होंने एलडीएफ़ के उम्मीदवार पी के बीजू को 1 लाख 58 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है.
द न्यूज़ मिनट के अनुसार रेम्या हरिदास कोझिकोड जिले के एक सामान्य परिवार से आती हैं. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर और मां सिलाई का काम करती हैं. अपने चुनावी सभाओं में रेम्या इसका ज़िक्र करती रही हैं. 2011 में राहुल गांधी ने एक प्रतिभा खोज प्रतियोगिता शुरू की थी, जिसमें रेम्या शॉर्ट लिस्ट हुई थीं. इसके बाद उन्हें अलग पहचान मिली. इस चुनाव में जब कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की तब तक रेम्या को इसकी जानकारी नहीं थी. उन्हें उम्मीदवार बनाया जाना बिल्कुल नया और चौंकाने वाला फ़ैसला था.
अपने चुनावी कैंपेन में रेम्या ने अलातूर की जनता से वादा किया कि वे बहुत ही सामान्य परिवार से आती हैं और अगर जीतती हैं तो अलातूर की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरी उतरेंगी.”
अब कुल 5,33,815 वोट पाकर जीत हासिल करने के बाद रेम्या हरिदास ने अलातूर की जनता का धन्यवाद कहा है और अपनी जीत अलातूर के लोगों की जीत बताई है.
बता दें कि इससे पहले साल 1971 में केरल की अदूर लोकसभा सीट से भार्गवी थंकप्पन ने जीत हासिल की थी. उन्हें सीपीआई ने चुनाव मैदान में उतारा था. 32 साल की रेम्या हरिदास के पास कुल 22 हजार 816 रुपए की संपत्ति है.