केरल पुलिसकर्मी को सबरीमाला में हिंसा भड़काता CPM कार्यकर्ता बताया गया
अॉल्ट न्यूज़ की पड़ताल
“त्रिवेन्द्रम के इस सक्रिय सीपीएम कैडर वल्लभ दास से मिलें। इनकी भर्ती केरल पुलिस में नहीं है, फिर भी यह गुंडा पुलिस वर्दी में पिछले पांच दिनों के दौरान #शबारीमालाई विरोध कर रहे निर्दोष #अयप्पा भक्तों पर हमला करने की कोशिश कर रहा है .. @rsprasad.” (अनुवाद)
पुलिस वर्दी में एक व्यक्ति की तस्वीर सोशल मीडिया में इस दावे के साथ प्रसारित की जा रही है कि यह व्यक्ति सीपीआई (एम) पार्टी का सदस्य है और उसने पुलिस के भेष में सबरीमाला विरोध प्रदर्शन, जिसने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद से राज्य को हिलाकर रख दिया, के दौरान इकट्ठा हुए प्रभु अयप्पा के भक्तों पर हमला किया था।

सोशल मीडिया यूजर संजीब घोष का 24 अक्टूबर का वह ट्वीट लगभग 2000 बार रीट्वीट किया गया है। इन ट्वीट्स के मुताबिक, तस्वीर वाला व्यक्ति वल्लभ दास, सीपीएम कार्यकर्ता है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने व्यक्ति के हेयर स्टाइल पर संदेह उठाया, दावा किया कि पुलिस कर्मियों का इस प्रकार का हेयर स्टाइल नहीं होता।

आरएसएस नेता जे. नंदकुमार का उपर्युक्त ट्वीट लगभग 2700 बार रीट्वीट किया गया था। कई ट्विटर यूजर्स ने उस तस्वीर को उसी संदेश के साथ ट्वीट किया है।
तस्वीर वाला व्यक्ति वास्तव में पुलिसकर्मी है
तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति, जिसके पुलिसकर्मी की वर्दी पहने सीपीएम कार्यकर्ता होने का दावा किया गया, वास्तव में पुलिसकर्मी है, कोई राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं। केरल पुलिस ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से यह पुष्टि की है कि यह व्यक्ति सबरीमाला स्थित केएपी पांचवीं बटालियन का पुलिसकर्मी है। केरल पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को नकली प्रचार से सावधान रहने की अपील की है।
https://www.facebook.com/keralapolice/posts/1850627581699389
नीचे उस पुलिसकर्मी की कुछ तस्वीरें हैं, जिसकी पहचान आशिक के रूप में की गई है।

महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने देने के लिए मंदिर के अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देश देने के फैसले के बाद से सबरीमाला उत्तेजना का एक केंद्र बन गया है। इस मुद्दे ने विशेष रूप से सोशल मीडिया में राजनीतिक मोड़ लिया है, और केरल सरकार व पुलिस को पुराने और/या असंबद्ध तस्वीरों और झूठे दावों का उपयोग करके निशाना बनाया जा रहा है।