बड़ा खुलासा: हार्ट अटैक नहीं ज़हर से हुई थी जज लोया की मौत, अमित शाह पर याचिकाकर्ता को जान से मारने की धमकी का आरोप
याचिकाकर्ता सतीश महादेव राव ने कहा है कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है.
जस्टिस वी.एच लोया की मौत मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है. नागपुर के एक वरिष्ठ वकील सतीश महादेव राव ने 209 पन्नों की एक याचिका में कहा है कि जज लोया कि मौत हार्ट अटैक की वजह से नहीं बल्कि जहर (radioactive isotope poisoning) के कारण हुई थी. उन्होंने कहा है कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है.
सतीश महादेव राव ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जो इस प्रकार से है
1.अक्टूबर 2014 में जस्टिस लोया ने अपने दो मित्रों सेवानिवृत ज़िला न्यायाधीश प्रकाश थोम्ब्रे और वकील श्रीकांत खान्दलकर के ज़रिये उनसे मुलाकात की थी. जस्टिस लोया पर सोहराबुद्दीन फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में महाराष्ट्र के प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा उन पर दबाव डाले जाने के सिलसिले में वे उनसे मिले थे.
2. जस्टिस लोया ने महादेवराव के सामने यह खुलासा किया था कि जो ‘प्रभावशाली लोग उन्हें धमकियां दे रहे हैं उनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस शामिल हैं. जस्टिस लोया ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उन्हें सोहराबुद्दीन फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में “अमित शाह को छोड़ने” के लिए ‘फैसले का एक ड्राफ्ट’ भी दिया गया था.
3. जस्टिस लोया द्वारा यह ‘फैसले का ड्राफ्ट’ जज थोम्बरे और महादेवराव को कथित तौर पर भेजा गया था. 1 दिसम्बर, 2014 को जज लोया की मृत्यु के बाद, वकील खान्दलकर ने महादेवराव को यह सूचित किया था कि उनकी (खान्दलकर) जान को खतरा है क्योंकि उनके पास जज लोया की संदिग्ध मौत से जुड़ी जानकारियां और कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ हैं. खान्दलकर की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में कथित तौर पर नागपुर ज़िला न्यायालय में 29 अक्टूबर, 2015 को हुई. उनकी मृत्यु को लेकर ऐसा कहा गया कि उन्होंने न्यायालय परिसर में किसी बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी थी.
4. थोम्बरे की मृत्यु भी 16 मई, 2016 को हैदराबाद के पास नागपुर से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई.
5. 8 जून, 2016 को महादेवराव के कार्यालय में लोहे के गट्ठे, रड, पाइप और शीट नागपुर में स्थित उनके कार्यालय में गिरे. लेकिन, उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई क्योंकि जब ये हुआ तब तक वे अपने कार्यालय से निकल चुके थे. इस घटना के बारे में उन्होंने नागपुर के अजनी पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई थी. लेकिन पुलिस ने इस घटना पर कोई स्टेशन डायरी नहीं तैयार की.
6. उन्होंने जज लोया की मौत को लेकर सूचना का अधिकार के तहत कई आवेदन लगाये जब उनके एक साथी अभियान बरहते को 6 फरवरी, 2018 को आधी रात में एक धमकी वाला कॉल आया. यह कॉल देवेन्द्र फडणवीस के भाई संजय फडणवीस ने किया था. इसको लेकर भी पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी. महादेवराव ने यह आरोप लगाया है कि यह जज लोया की मौत से सम्बंधित दस्तावेज़ों को छुपाये रखने की कोशिश की जा रही है.
7. महादेवराव ने आरोप लगाया है कि एक सूर्यकांत गजानन लोलगे ने “कुछ प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्वों और उनके दोस्त अधिवक्ता योगेश नागपुरे” के कहने पर उन्हें धमकी दी. लोलगे ने कथित तौर पर महादेवराव को यह धमकी दी की वे यह सभी मामले सुलझा लें वर्ना देवेन्द्र फडणवीस का पुलिस अफसर उनके ऊपर कोई केस लगा देगा. याचिका में यह भी बताया गया कि लोलगे ने जज लोया, खान्दलकर और थोम्बरे की मौत के दस्तावेज़ एवं अन्य सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और साथ ही जज लोया की मौत का कारण भी जो उन्हें थोम्बरे एवं खान्दलकर द्वारा दिए गए थे, उन सभी के बदले याचिकाकर्ता को 200 करोड़ रुपए देने की बात कही.
जारी है…….