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सैनिकों की विधवाओं को तो बख़्श दीजिए प्रधानमंत्री जी: रिटायर मेजर की पत्नी ने बयां किया दर्द

सैनिकों के परिजनों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने चुनाव से पहले किए हुए अपने किसी वादे को पूरा नहीं किया है.

वन रैंक वन पेंशन की सभी सिफारिशें लागू करने के लिए जोधपुर में कांग्रेस ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में रिटायर मेजर अजमेर सिंह की पत्नी सुदेश गोयत का गुस्सा प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर फूट पड़ा.

सुदेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को क्रिकेटरों की शादी में जाने और हीरो-हीरोइन से मिलने का समय है. लेकिन, पूर्व सैनिकों की पत्नियों से मिलने का समय नहीं है. उन्होंने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि तीन सालों से पीएमओ और उनके निवास स्थान पर मिलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं होती.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार सुदेश ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी हमारा गलत इस्तेमाल मत कीजिए. हम सैनिक हैं, हम न भाजपा के हैं और न ही कांग्रेस के, हम पूरे देश के सैनिक हैं, हम न जाति देखते हैं न धर्म, पूरे देश के लिए मरते हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार हिंदू-मुसलमानों को लड़ाती है. उन्होंने कहा, “कम से कम सैनिकों की विधवाओं को बख्श दीजिए. हम साढ़े तीन सालों से जंतर-मंतर पर बैठे हैं. प्रधानमंत्री जी हमारा मंच तो तोड़ दिया, लेकिन हमारा हौसला नहीं तोड़ सकते. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वन रैंक वन पेंशन नहीं मिलेगी, तब तक कदम पीछे नहीं हटाएंगे.

इस प्रेस वार्ता में इंडिया एक्स सर्विसमैन मूवमेंट के अध्यक्ष मेजर जनरल सतवीर सिंह भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वादा किया था कि सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर वन रैंक वन पेंशन लागू कर देंगे. चुनावों के बाद जब हम रक्षा मंत्री अरुण जेटली के पास गए तो उन्होंने वादों से मुकरते हुए कहा कि चुनाव में किया गया हर वादा पूरा नहीं किया जा सकता है. सरकार द्वारा नवंबर 2015 में वन रैंक, वन पेंशन की लागू की गई थी. लेकिन, यूपीए सरकार द्वारा दिए गए घोषणा पत्र की सिफारिंशो को लागू नहीं किया गया.

उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि फौज़ पहले भी दुश्मन के घर में घुसकर ऐसी कार्रवाई करती रही है. लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण करके उसका फायदा उठाया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुनावों से पहले किए गए कोई वादे पूरे नहीं किए हैं. जिसमें साठ साल तक नौकरी देना, कम की गई पेंशन राशि को बढ़ाना सहित कई मुद्दे शामिल हैं. ज्ञात हो कि अगस्त 2015 में पूर्व सैनिकों द्वारा वन रैंक वन पेंशन की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू न करने को लेकर विरोध किया गया था. जिसमें पुलिस ने हमला करते हुए पूर्व सैनिकों और महिलाओं से साथ मारपीट की थी.

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