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JNU विवाद : हास्यास्पद है कन्हैया कुमार के ऊपर देशद्रोह का आरोप, सरकार की नीयत पर उठते हैं सवाल-पी. चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि एक लोकतांत्रिक देश में राजद्रोह से जुड़े प्रावधानों के ऊपर गंभीर बहस होनी चाहिए.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा अन्य छात्रों के ख़िलाफ़ राजद्रोह के आरोपों को पूर्व वित्त मंत्री  पी. चिदंबरम ने हास्यास्पद बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अगर राजद्रोह का आरोप लगाने में 3 साल और 1200 पेज लगते हैं (सार्वजनिक भाषण के आधार पर), तो इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं.

उन्होंने कहा कि जांच टीम में शामिल कितने लोग भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए और इस धारा पर कानून से अवगत हैं या उन्होंने इसे पढ़ा भी है? उन्होंने आगे कहा कि धारा 124 ए जैसे प्रावधान को लोकतांत्रिक देश के कानूनों में स्थान मिलने पर गंभीर बहस होनी चाहिए.

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जेएनयू में कथित देशविरोधी नारेबाज़ी के मामले में आरोप-पत्र दाख़िल किया. जेएनयू के छात्रों ने चार्जशीट के समय पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित  बताया है.

इससे पहले चिदंबरम ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर हमला बोलते हुए पूछा था कि “क्या वह 2016 में पठानकोट और उरी में हुए हमलों में पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रही हैं?” बता दें कि सीतारमण ने कहा था कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं हुआ है.

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