जेएनयू में ABVP के सदस्यों ने लगाए थे “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे, एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारियों ने लगाए आरोप
फरवरी 2016 में एबीवीपी के सदस्य रहे छात्रों ने कहा है कि मीडिया में जो चार विडियो चल रहे हैं, उनमें एक विडियो में एबीवीपी से जुड़े लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो पूर्व छात्र पदाधिकारियों ने दिल्ली पुलिस द्वारा कन्हैया कुमार व उनके साथियों के ऊपर चार्जशीट की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि मीडिया में चल रहे विडियो में जेएनयू के जिन छात्रों द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं, वे एबीवीपी से जुड़े हैं.
फरवरी 2016 में जेएनयू में कथित देशविरोधी नारेबाजी के बाद मचे बवाल के बीच यूनिवर्सिटी के एबीवीपी के दो छात्र पदाधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. इसमें एबीवीपी के जेएनयू यूनिट के संयुक्त सचिव रहे प्रदीप नरवल और कई अन्य लोग शामिल थे.
इसके बाद अगस्त 2016 में एबीवीपी के जेएनयू यूनिट के उपाध्यक्ष जतिन गोराया ने इस्तीफ़ा दे दिया था. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रवैये पर सवाल उठाया था.
उन्होंने कहा है, “चार्जशीट दायर होने के बाद मीडिया में चार तरह के विडियो चल रहे हैं. एक विडियो में कुछ लोग पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं. ये लोग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हैं. अगर सीएफ़एसएल द्वारा जारी यह विडियो सही है, तो एबीवीपी के लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और अगर विडियो ग़लत है तो पुलिस को असली विडियो की तलाश करनी चाहिए.”
वही, प्रदीप नरवल ने चार्जशीट की टाइमिंग पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि एफ़आईआर दर्ज होने के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दायर की जाती है, लेकिन किन परिस्थितियों में दिल्ली पुलिस ने तीन सालों के बाद चार्जशीट दायर किया है, समझना मुश्किल है. यह कदम राजनीति से प्रेरित लगते हैं.
दूसरी ओर एबीवीपी के सदस्य सौरभ शर्मा ने कहा है कि उक्त दोनों सदस्य कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए हैं और आरोपियों का साथ दे रहे हैं.
बता दें कि फरवरी 2016 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी के तीन साल बाद दिल्ली पुलिस ने तब के जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार व अन्य छात्रों के ख़िलाफ़ 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर की है.
पीटीआई इनपुट्स पर आधारित