पिछड़ों-दलितों का आरक्षण ख़त्म कर सकती है मोदी सरकार, केजरीवाल-जिग्नेश मेवाणी सहित कई नेताओं ने जताई आशंका
जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि सरकार पिछड़ों के आरक्षण को ख़त्म कर आर्थिक आधार पर लागू कर सकती है
सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देना भाजपा और संघ की राजनीतिक चाल हो सकती है. इसके बाद सरकार पिछड़ों-वंचितों को मिलने वाले आरक्षण को ख़त्म कर उसे भी आर्थिक आधार पर लागू कर सकती है. इसकी आशंका युवा नेता और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने जताई है.
ट्विटर के जरिए जिग्नेश मेवाणी ने कहा है, ” RSS के लोगों से बात हुई – भाजपा 10% ग़रीबों को आरक्षण क्यों दे रही है? जो पता चला वो बेहद ख़तरनाक है. RSS जाति आरक्षण के हमेशा से ख़िलाफ़ रही है. अभी पहले चरण में संविधान संशोधन करके आर्थिक आधार शुरू करेंगे. फिर SC, ST और OBC का सारा आरक्षण ख़त्म करके केवल आर्थिक आधार रखेंगे.
RSS के लोगों से बात हुई- भाजपा 10% ग़रीबों को आरक्षण क्यों दे रही है? जो पता चला वो बेहद ख़तरनाक है। RSS जाति आरक्षण के हमेशा से ख़िलाफ़ रही है। अभी पहले चरण में संविधान संशोधन करके आर्थिक आधार शुरू करेंगे। फिर SC, ST और OBC का सारा आरक्षण ख़त्म करके केवल आर्थिक आधार रखेंगे
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) January 9, 2019
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल ने भी इसपर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि मेरी भी कई लोगों से बात हुई है, सबको लग रहा है कि भाजपा की यही चाल है.
मेरी कई लोगों से बात हुई। सब लोगों को लग रहा है कि भाजपा कि यही चाल है।
बेहद ख़तरनाक। https://t.co/NVZpmRHKQm
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 9, 2019
बता दें कि सरकार ने सभी वर्गों के सामान्य श्रेणी में आने वाली जातियों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. सरकार ने इसके लिए संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास कर दिया है.