झारखंड: भाजपा सरकार का मिड-डे मील के नाम पर बच्चों से भद्दा मजाक, अंडे की जगह परोस रहे आलू
जनवरी में मुख्यमंत्री रघुवर दास की कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में दिए जाने वाले अंडों की संख्या सप्ताह में 3 से 2 कर दी थी.
झारखंड की भाजपा सरकार कुपोषण के ख़िलाफ़ कितनी सजग है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कूलों में बच्चों की थाली से अंडे कम नहीं बल्कि पूरी तरह गायब कर दिए गए हैं.
झारखंड जनअधिकार महासभा ने ट्वीट कर कहा कि, “झारखंड के फकिराडीह में स्कूली बच्चों को पिछले तीन सप्ताह से दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) में अंडा नहीं दिया जा रहा है. उन्हें खाने के लिए सिर्फ चावल और आलू मिलता है. राज्य सरकार ने पहले सप्ताह मिलने वाले अंडों की संख्या घटाकर 3 से 2 कर दी. लेकिन अब बच्चों को दो अंडे भी नहीं मिल रहे हैं. क्या यह सब कुपोषण से लड़ने के लिए तैयार हैं?
No eggs for Jharkhand's Fakiradih's school children since 3 weeks. They get only rice and potato. Not only has the state government reduced number of eggs from 3 to 2 per week, eggs are vanishing off completely from children's plates. @dasraghubar , all set to fight malnutrition? pic.twitter.com/Z1XFUpH8iW
— Jharkhand Janadhikar Mahasabha (@JharkhandJanad1) April 1, 2019
दैनिक जागरण की ख़बर के अनुसार बीते जनवरी में मुख्यमंत्री रघुवर दास की कैबिनेट ने राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) में दिए जाने वाले अंडों की संख्या सप्ताह में 3 से 2 कर दी थी.
कैबिनेट ने राज्य के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में अंडों के भुगतान की दर 4 रुपए प्रति अंडा से बढ़ाकर 6 रुपए कर दी थी. जिसकी वजह से बच्चों के अंडों की संख्या कम की गई थी. हालांकि स्कूली बच्चों को पीछे 3 हफ्तों से भोजन में अंडे नहीं दिए गए है.
ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री रघुबर दास ने 2022 तक झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है.