घाटी में दहशतः यात्रियों को वापस लौटने का आदेश, जवानों की छुट्टी रद्दः जानें जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात
अमरनाथ यात्रा को रद्द करने के साथ-साथ हजारों सैनिकों की तैनाती ने राज्य को अनिश्चितता की स्थिति में पहुंचा दिया है.
सरकार ने आतंकी खतरे को भांपते हुए बीते शुक्रवार को कश्मीर घाटी में मौजूद तमाम पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को घाटी को जल्द से जल्द छोड़ने की सूचना जारी की है. हालातों को देखते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लोगों और राजनीतिक दलों से शांति बनाएं रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
बीते शुक्रवार को सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस ढिल्लन ने कहा, “पिछले तीन-चार दिनों में बहुत स्पष्ट और पुष्ट खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा समर्थित आतंकी अमरनाथ यात्रा बाधित करने की फिराक में हैं. उसके आधार पर यात्रा के दोनों मार्गों, दक्षिण की तरफ पहलगाम के रास्ते और उत्तर की तरफ के बालटाल वाले रास्तों पर सुरक्षाबलों ने गहन तलाशी अभियान चलाया.”
उनके अनुसार अमरनाथ यात्रा मार्ग पर सेना को भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा मिला है जिसमें टेलीस्कोप के साथ अमेरिकी एम-24 स्नाइपर राइफल भी शामिल है.
लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस ढिल्लन ने कहा, “इस पूरे मामले में पाकिस्तानी सेना की गोला-बारूद और हथियारों के साथ सीधी संलिप्तता है. घाटी में आईईडी विस्फोटकों का खतरा ज्यादा है, लेकिन सुरक्षा बल नियमित रूप से तलाशी अभियान चलाकर खतरे से निपट रहे हैं. पाकिस्तानी सेना घाटी की शांति में खलल डालना चाहती है, लेकिन भारतीय सेना कश्मीर में शांति भंग नहीं होने देगी.”
सरकार द्वारा घाटी छोड़ने का आदेशः
जम्मू-कश्मीर सरकार ने बीते शुक्रवार (2 अगस्त) को एक सुरक्षा संबंधी सूचना जारी की थी. इस सूचना में सरकार ने घाटी में चरमपंथी हमला होने की आशंका जताई और अमरनाथ यात्रियों व पर्यटकों को वापस लौटने की सलाह दी.
सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी यात्रा की अवधि को छोटा कर जल्द से जल्द घाटी छोड़ने की कोशिश करें. सरकार की इस सूचना के बाद घाटी में कुछ बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है.
CRPF जवानों की छुट्टी रद्दः
जम्मू-कश्मीर में मौजूदा हालातों को देखते हुए CRPF जवानों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में तैनात CRPF जवानों की छुट्टी रद्द कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर पहले सैंक्शन छुट्टियां भी रद्द हो सकती है.
अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपीलः
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य की जनता और राजनीतिक दलों से राज्य में शांति बनाए रखने और अफवाहों पर एकदम यकीन न करने की अपील की है.
उन्होंने शुक्रवार की रात पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, शाह फैजल और सज्जाद लोन से मुलाकात भी की. राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को यात्रियों पर हमले की पुख्ता जानकारी मिली थी. जिसकी वजह से यात्रियों को तत्काल लौटने को कहा गया था.
कश्मीर में हालात सामान्यः
कश्मीर में बीते शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को हालात सामान्य हो रहे हैं. रोज की तरह स्कूल-कॉलेज खुले हैं. श्रीनगर में भी हालात सामान्य नजर आ रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर सामान्य भीड़ है. रिपोर्टस के मुताबिक राज्य में इंटरनेट सेवा भी सामान्य रूप से चालू है
बीते कुछ दिनों से घाटी में बढ़ी हलचलः
- 27 जुलाई, 2019- 10,000 से ज्यादा जवानों को जम्मू-कश्मीर में तैनात कर दिया गया.
- 28 जुलाई, 2019- पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर पर फोकस किया. उन्होंने कहा कि विकास की मदद से बंदूक और बमों पर विजय पाई जा सकती है.
- 30 जुलाई, 2019- दिल्ली में जम्मू-कश्मीर भाजपा इकाई के कोर ग्रुप की अहम बैठक हुई. विधानसभा चुनाव इसी साल कराने के संकेत दिए गए.