मेरे सपनों का भारत ऐसा नहीं जहां सभी को राष्ट्रवाद का दिखावा करना पड़े: सिंघवी
सिंघवी ने कहा- जब तक हम हर भारतीय में जाति, समुदाय और धर्म से परे लोकतंत्र के सह-स्वामित्व की भावना पैदा नहीं करेंगे, एक राष्ट्र के रूप में भारत का विचार जिंदा नहीं रह सकता।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा भारत किसी के सपनों का भारत नहीं हो सकता जहां सभी को राष्ट्रवाद का दिखावा करना पड़े।
उन्होंने यह टिप्पणी ‘पीएचडी चैंबर आफ कामर्स’ के 113वें सलाना सत्र में ‘‘इंडिया ऑफ माई ड्रीम्स’’ शीर्षक से किये गये संबोधन में की।
सिंघवी ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की प्रसिद्ध पंक्ति ‘लोकतंत्र में सरकार जनता की, जनता द्वारा और जनता के लिए होती है’ का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जब तक हम हर भारतीय में जाति, समुदाय और धर्म से परे लोकतंत्र के सह-स्वामित्व की भावना पैदा नहीं करेंगे, एक राष्ट्र के रूप में भारत का विचार जिंदा नहीं रह सकता।