शिव ‘राज’ में बिजली समस्या पर मंत्री का ग़ैरज़िम्मेदाराना बयान, कहा-बिजली मेरी जेब में नहीं रखी
इस बेरुख़ी से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री शर्म करो जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया
शिवराज सरकार में आये दिन आम लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। उस पर भी मंत्रियों का जनता के प्रति ग़ैरज़िम्मेदाराना रवैय्या जले पर नमक छिड़कने का काम करता है। ताज़ा मामला मध्य प्रदेश के ज़िले श्योपुर के गांव रायपुरा का है।
लगभग 2000 लोगों की आबादी वाले इस गांव में बिजली व्यवस्था गड़बड़ाने की वजह से “नल-जल योजना” ठप्प पड़ी हुई है। पिछले एक माह से पूरा गांव मलेरिया की चपेट में है।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांव के स्कूल में आयोजित विशेष भोज में शामिल होने पहुंचे प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा को इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
बिजली-पानी, उपचार जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए जब ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा तो मौके पर पढ़े बिना उसे अपने पीए को थमाकर मंत्री जी यह कहते हुए चल दिए की “बिजली मेरी जेब में रखी है क्या ?”
इस बेरुख़ी से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री शर्म करो जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को खदेड़कर मंत्री जी को कार में बैठाया और रवाना कर दिया।