IIT मुंबई का तुग़लक़ी फ़रमान, समलैंगिकता पर बनी फ़िल्म ‘पाशी’ के प्रदर्शन पर रोक
फ़िल्म के निर्माता सिद्धार्थ चौहान ने बताया कि उन्हें इस फैसले की जानकारी तक नहीं दी गई थी.
हिमाचल प्रदेश के एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता, सिद्धार्थ चौहान ने आरोप लगाया है कि आईआईटी बॉम्बे फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होने वाली उनकी लघु फ़िल्म ‘पाशी’ को समलैंगिकता पर बनी “वयस्क” विषय वस्तु की फिल्म होने की वजह से लिस्ट से हटा दिया गया.
NewsCentral24x7 से बात करते हुए चौहान ने बताया कि “IIT बॉम्बे फिल्मफेस्ट 2019” के आयोजकों ने ही ईमेल के ज़रिए उनसे लंबी बातचीत करके इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग की योजना बनाई थी. 9 फरवरी को फिल्म का प्रदर्शन होना तय था मगर इससे ठीक दो दिनों पहले आयोजकों ने उन्हें बताया कि फिल्म अब फेस्ट में प्रदर्शित नहीं की जाएगी.
दरअसल फ़िल्म के मुख्य अभिनेता इस स्क्रीनिंग में शामिल होना चाहते थें. इसके चलते निर्माता सिद्धार्थ ने फ़िल्म के शेड्यूल के बारे में जानने के लिए जब आयोजकों से बात की तो उन्हें बताया गया कि इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग ही रद्द कर दी गई है.
इसे लेकर जब चौहान ने आयोजकों से आगे पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि संसथान के प्रोफेसरों का कहना है कि फ़िल्म के कुछ सीन स्क्रीनिंग के दौरान मौजूदा लोगों को असहज महसूस करा सकते हैं.
चौहान की फिल्म ‘पाशी’ एक युवा लड़के के, एक बड़े आदमी के प्यार में पड़ने की कहानी है.
फ़िल्म निर्माता के अनुसार, फिल्म को दिल्ली विश्वविद्यालय के दो अलग-अलग कॉलेजों में भी प्रदर्शित किया जा चुका है मगर इस तरह की प्रतिक्रिया पहले कभी नहीं मिली उन्हें. उनके मुताबिक इन कॉलेजों में शिक्षकों और छात्रों ने एक साथ फ़िल्म देखी थी मगर किसी ने भी असहज महसूस नहीं किया था.
इस पूरी घटना को एक तरह की सेंसरशिप बताते हुए चौहान ने कहा कि उनके स्क्रीनिंग के लिए हां कहने की एकमात्र वजह यह थी कि उन्हें लगा कि यह एक स्वतंत्र फ़िल्म समारोह है जो स्वतंत्र सिनेमा को प्रोत्साहित करता है.
सिद्धार्थ का कहना है कि स्क्रीनिंग रद्द होने के बाद आयोजक टीम में शामिल IIT मुंबई के छात्रों ने उनसे संपर्क किया. छात्रों को डर था कि इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर डालने से, फेस्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुच सकता है. इस पूरे मामले में छात्रों की जगह प्रोफेसरों की भूमिका पर उन्होंने नाराज़गी ज़ाहिर की.
इसी फेस्ट में उनकी फ़िल्म के प्रदर्शन पर तो रोक लगा दी गई मगर एक ऐसी फ़िल्म दिखाने को लोग राज़ी हो गए जिसमे एक महिला को हस्तमैथुन करते हुए दर्शाया गया है, इसे सिद्धार्थ ने अजीब ठहराया. इस दोहरे मापदंड पर जब उन्होंने सवाल उठाया, तो उन्हें बताया गया कि उक्त फ़िल्म को अनुमति इसलिए दी गई क्योंकि इसमें नग्नता नहीं दिखाई गई है.
फ़िल्म ‘पाशी’ का साल 2017 में “रोड आइलैंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल” में प्रीमियर हुआ था. तब से लेकर अब तक ये फ़िल्म 30 से अधिक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जा चुकी हैं और सात अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है.
न्यूज़सेंट्रल24×7 की ओर से अब तक इस फ़िल्म फेस्टिवल के आयोजकों से संपर्क नहीं किया जा सका है.