सावधान! आपके कम्प्यूटर में जासूसी कर रही है सरकार, मोदी सरकार ने जांच एजेंसियों को दिया है निर्देश
जांच एजेंसियों को तकनीकी सहयोग न देने पर 7 साल की सज़ा और जुर्माना लगाया जा सकता है.
मोदी सरकार कंप्यूटर के जरिए आम लोगों के ऊपर जासूसी कर रही है. गृह मंत्रालय ने इस बाबत दस केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर में मौजूद हर तरह के डेटा पर निगरानी रखने का एक आदेश जारी किया है.
न्यूज़18 की ख़बर के अनुसार गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में इन 10 एजेंसियों को अधिकार दिया गया है कि ये एजेंसियां किसी भी कंप्यूटर का डेटा चेक कर सकती हैं. इन एजेंसियों में इंटेलिजेंस ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, सेंट्रल टैक्स बोर्ड, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस (जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और आसाम के क्षेत्रों के लिए), कैबिनेट सचिवालय (आर एंड एडब्ल्यू) और पुलिस आयुक्त, दिल्ली का नाम शामिल है.
गृह मंत्रालय ने आईटी एक्ट, 2000 के 69 (1) के तहत यह आदेश दिया है. जिसमें कहा गया है कि भारत की एकता और अखंडता के अलावा देश की रक्षा और शासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यदि जरूरी लगे तो केंद्र सरकार किसी एजेंसी को जांच के लिए आपके कंप्यूटर को एक्सेस करने की इजाजत दे सकती है.
इस आदेश के चलते सब्सक्राइबर या सर्विस प्रोवाइडर और कंप्यूटर के मालिक द्वारा जांच एजेंसियों को तकनीकी सहयोग देना होगा. यदि वे ऐसा नहीं करेंगे तो उन्हें 7 साल की सज़ा के साथ जुर्माना देना पड़ सकता है.