‘बेहद चिंताजनक स्थिति’: भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा की ब्रिटिश सांसद ने की कड़ी आलोचना
लेबर पार्टी के सांसद जोनाथन एशवर्थ ने कहा है कि, ‘उनके संसदीय क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों ने इस मसले पर चिंता ज़ाहिर की है कि भारत सरकार इस मुद्दें पर पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है.’
ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के एक नेता ने मुसलमानों पर हमले को लेकर भारत की कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही ब्रिटिश सरकार से इस मसले पर संज्ञान लेने और इसे ‘बेहद चिंताजनक स्थिति’ बताते हुए इसपर कार्रवाई करने की मांग की है.
पीटीआई के अनुसार लेसिस्टर साउथ से लेबर पार्टी के सांसद जोनाथन एशवर्थ ने विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री पद के दावेदार जेरेमी हंट को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी. इस पत्र में उन्होंने कहा कि, ‘उनके संसदीय क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों ने इस मसले पर चिंता ज़ाहिर की है कि भारत सरकार अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे पर पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है.’
समाचार वेबसाइट स्क्रॉल के मुताबिक, एशवर्थ ने अपने पत्र में लिखा है, “मेरे संसदीय क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने भारत में मुसलमानों पर हो रहे हिंसक हमले को लेकर मुझसे संपर्क किया है. भारत की स्थिति बेहद चिंताजनक है. वहां धार्मिक रुप से प्रेरित हत्याएं, हमला, दंगा, भेदभाव, बर्बरता और लोगों को उनके धार्मिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने वाली रिपोर्ट मिली है.’
पिछले महीने, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने अपने एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय विशेष रुप से मुसलमानों के ख़िलाफ़ ‘चरमपंथी हिंदू समूहों’ द्वारा हमला साल 2018 में भारत में जारी रहा. साथ ही रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया था कि सतारुढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदायों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिए हैं.
हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए कहा, “भारत को अपनी धर्मनिरपेक्ष साख, सबसे बड़े लोकतंत्र और सहिष्णुता और समावेश को लेकर लंबे समय से प्रतिबद्धता के साथ एक बहुलवादी समाज के रूप में इसकी स्थिति पर गर्व है.
बता दें कि पिछले 18 जून को झारखंड के सरायकेला खरसावां ज़िले में भीड़ ने एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या कर दी थी. कोलकाता में एक मदरसा शिक्षक को ‘जय श्री राम’ बोलने से मना करने पर ट्रेन से धक्का दे दिया गया. ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भी घटित हुई थी. साथ ही झारखंड के रांची में भी इस तरह के हमले हुए थे.