गुरुग्राम: हिंसा का शिकार हुए मुस्लिम परिवार ने दी सामूहिक खुदकुशी की धमकी, कहा- स्थानीय नेताओं के प्रभाव में पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने सोहना के एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच में तेज़ी लाने की गुज़ारिश की है.
गुरुग्राम में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए मुस्लिम परिवार ने प्रशासनिक मदद और न्याय न मिलने की स्थिति में सामूहिक खुदकुशी करने की धमकी दी है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनको शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है. साथ ही स्थानीय नेताओं के प्रभाव की वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार इस मामले में शिकायतकर्ता मोहम्मद अख़्तर ने कहा, “ इस हमले का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सार्वजनिक हो गया था. इसके बावजूद पुलिस 35 से ज्यादा गुंडों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. अगर गुरुग्राम पुलिस और ज़िला प्रशासन हमारी मदद नहीं करते हैं तो हमारे पास सामूहिक रूप से खुदकुशी करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रह जाएगा.”
पीड़ित परिवार ने सोहना के एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच में तेज़ी लाने की गुज़ारिश की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि इंसाफ नहीं मिला तो वे सामूहिक रूप से खुदकुशी कर लेंगे.
अख्तर ने कहा, ‘‘हम घटना के पीड़ित हैं, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने हमारे परिवार के ही 2 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. आरोपी पक्ष हम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.’’ पुलिस उपायुक्त हिमांशु गर्ग ने इस मामले में कहा कि हमने अब तक 13 लोगों को गिरफ़्तार किया है और अन्य लोगों की तलाश जारी है. हम किसी का पक्ष नहीं ले रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि बीते 21 मार्च यानी होली के दिन भौंडसी थाने के धुमसापुर गांव में भीड़ ने मोहम्मद अख़्तर के घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट को अंजाम दिया था. इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया.