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गुजरात के किसानों पर पड़ी बाजार की मार, एक किलो प्याज के लिए मिल रहे हैं मात्र 55 पैसे

प्याज के साथ-साथ लहसुन उपजाने वाले किसानों को भी वाज़िब दाम नहीं मिल रहा है.

देशभर के किसानों की तरह गुजरात के किसान भी त्राहिमाम कर रहे हैं. उन्हें अपने खेतों में उपजाए प्याज को 55 पैसे प्रति किलो के हिसाब से बेचना पड़ रहा है.

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक राजकोट ज़िले के कोटदा सांगनी गांव के किसान धर्मेन्द्र नरशी पटेल का कहना है कि उन्होंने 3,590 किलो प्याज मिले जिसके लिए मात्र 1,974 रुपए बाजार से मिले. इसी तरह सौराष्ट्र क्षेत्र के अन्य किसानों का भी कहना है कि उन्हें अपनी फसल के लिए वाज़िब दाम नहीं मिल रहे हैं.

यह समस्या सिर्फ प्याज की खेती करने वाले किसानों की नहीं है. कुछ इसी तरह की समस्या से लहसुन उपजाने वाले किसान भी जूझ रहे हैं. द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार किसानों ने कृषि उपज विपणन समिति को 1 रुपए से लेकर 4 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचे हैं. कम दाम मिलने की वजह से किसान अब बाजार में बेचने की बजाय फ़सलों का स्टॉक जमा करके रख रहे हैं.

जामनगर ज़िले के कालावाड गांव निवासी भिखाभाई मरकाना का कहना है कि उन्होंने 40 क्विंटल प्याज उपजाए थे. इनमें से 23 क्विंटल प्याज को उन्होंने कृषि उपज विपणन समिति को बेचा. इसे उन्होंने 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचा था. मरकाना ने कहा, “इस फसल पर मजदूरी, बीज, खाद और सिंचाई को लेकर कुल 12,000 रुपए का खर्च आया था. लेकिन, इसे बेचने पर हमें मात्र 8000-10,000 रुपए ही मिल सके.

राजकोट ज़िले के खिरसारा गांव निवासी बालूभाई अहिर ने द हिन्दू को बताया कि जेतपुर तालुका के 12 गांवों में किसानों ने लहसुन की लगभग 2 लाख बोरियों का स्टॉक बाजार की मंदी के कारण जमा कर रखा है.

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