गुजरात: देना बैंक की महिला कर्मचारी का यौन शोषण, शिकायत करने पर चेयरमैन बोले- ये तो नॉर्मल है
महिला ने बताया है कि इस पूरे मामले में बैंक के उच्च अधिकारियों का रवैया बिल्कुल निराशाजनक रहा है.
गुजरात के गांधीनगर में देना बैंक की एक महिला बैंककर्मी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. महिला का कहना है कि उन्होंने इस बाबत जब अधिकारियों से संपर्क किया तो उनकी सहायता नहीं की गई.
शनिवार को #MeToo India ट्विटर हैंडल से कई ट्विट किए गए. इनमें कहा गया कि पब्लिक सेक्टर की देना बैंक की महिला कर्मचारी का यौन शोषण किया गया है. महिला का कहना है कि जब उन्होंने घटना के बाद बैंक के शाहपुर शाखा में अपने ट्रांसफर की अर्ज़ी दी, तो इसपर रोक लगा दी गई.
Thread on #DenaBank #MeToo: Dear @NCWIndia and @Manekagandhibjp, a Dena Bank employee (Ast Manager) posted in Gandhinagar is fighting a case of molestation, stalking, voyeurism. The bank said she'd be transfered to Shahpur, didn't happen. She submitted application on 20/12/2016.
— #MeTooIndia (@IndiaMeToo) December 29, 2018
ट्विटर थ्रेड के मुताबिक पीड़िता बैंक की असिस्टेंट मैनेजर हैं और जब उन्होंने इसकी शिकायत अपने चेयरमैन से की तो जवाब मिला कि ये तो नॉर्मल है. बस में ऑटो ये सब लड़कियों के साथ होता ही है. पीड़िता का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने उनपर इस मामले को रफा दफा करने का दबाव भी दिया. इस पूरे मामले में प्रशासन का रवैया बिल्कुल ग़ैर जिम्मेदाराना और असहयोगपूर्ण रहा है. इसके अलावा पीड़िता का कहना है कि उन्हें बैंक के चेयरमैन से बातचीत करने के लिए 10-15 दिनों का इंतजार करना पड़ा.
पीड़िता का कहना है कि सबसे हैरानी तो तब हुई जब बिना कोई फ़ैसला लिए बैंक के अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों के पास यह लिखा कि मैं (पीड़िता) अब तक लिए गए फ़ैसले से संतुष्ट हूं. 23 अगस्त 2018 को उन्होंने बैंक के आंतरिक जांच कमेटी के पास शिकायत दर्ज कराने गई लेकिन, शिकायत दर्ज नहीं की गई.
#DenaBank #MeToo pic.twitter.com/jZNv2ewf1r
— #MeTooIndia (@IndiaMeToo) December 29, 2018
#MeToo India ट्विटर हैंडल के मुताबिक पीड़िता ने अहमदाबाद पश्चिम से भाजपा सांसद डॉ. कीर्ति सोलंकी से भी इस मामले में संपर्क किया था. इस ट्विटर हैंडल ने महिला एवं विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इस घटना के प्रति आगाह किया है.