फ्रांस के अख़बार का बड़ा खुलासा: मोदी की कृपा से फ्रांस की सरकार ने माफ़ किया अनिल अंबानी का 143.7 मिलियन यूरो का कर्ज़
फ्रांस की सरकार ने अनिल अंबानी का 11,24,99,03,558 रुपए का कर्ज माफ़ किया है. यूपीए के कार्यकाल में फ्रांस ने अनिल अंबानी का कर्ज माफ़ करने से इनकार कर दिया था.
राफ़ेल घोटाले से जुड़ा एक और गड़बड़झाला सामने आया है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एचएएल से कॉन्ट्रैक्ट लेकर रिलायंस को दिए जाने के बाद फ्रांस के अधिकारियों ने अनिल अंबानी के ऊपर बकाये का 143.7 मिलियन यूरो माफ़ कर दिया. एक फ्रांसीसी पत्रकार जुलियन बोइसो ने इसका खुलासा किया है.
ख़बर के मुताबिक फ्रांस में अनिल अंबानी की एक टेलीकॉम कंपनी है, जिसका नाम है- रिलायंस अटलांटिक फ़्लैग फ्रांस. जब प्रधानमंत्री मोदी ने दसॉल्ट के साथ डील फाइनल की, इसके बाद फ्रांस के अधिकारियों ने 7. मिलियन यूरो रुपए लेकर रिलायंस के साथ तालमेल बिठा लिया. जबकि अंबानी के पास 151 मिलियन यूरो का कुल टैक्स बकाया था.
Breaking : French authorities waived taxes worth 143,7 million euros for Anil Ambani's French-based company just a few months after PM Modi announced his plans to buy 36 Rafale fighter jets from Dassault. Our story with @annemichel_LMhttps://t.co/Tpw50cJg0c
— julien bouissou (@jubouissou) April 13, 2019
इस प्रकार फरवरी से अक्टूबर 2015 के बीच जब भारत सरकार और फ्रांस के बीच समझौता चल रहा था, उसी वक्त अनिल अंबानी को 143.7 मिलियन की राहत फ्रांस सरकार से मिल रही थी. फ्रांसिसी पत्रकार का दावा है कि उन्होंने काफ़ी छानबीन कर यह जानकारी जुटाई है.
So between February and October 2015, while the French were negotiating the Rafale contract with India, Anil Ambani enjoyed a tax waiver of 143,7 million euros from the French state. Quite a cozy deal, right?
— julien bouissou (@jubouissou) April 13, 2019
इसमें लिखा गया है कि फ्रांस के कर विभाग के अधिकारियों ने अपनी जांच में पाया कि 2007 से 2010 के बीच अनिल अंबानी के ऊपर 60 मिलियन यूरो का बकाया था. इसके बाद रिलायंस ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 7.6 मिलियन रुपए भुगतान करने की पेशकश की. लेकिन, फ्रांस की सरकार ने किसी भी तरह की तालमेल बिठाने से इनकार कर दिया. इसके बाद 2010 से 2012 के बीच फ्रांस की सरकार ने एक बार फिर कर विभाग से जांच कराई जिसमें अनिल अंबानी के ऊपर 91 मिलियन यूरो का अतिरिक्त भार बढ़ गया.
इसके बाद अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दसॉल्ट से 36 विमान खरीदने की डील फाइनल की. इसके बाद फ्रांस की सरकार ने रिलायंस का 151 मिलियन यूरो का कर्ज माफ़ कर दिया.
In April 2015, PM Modi announced plans to buy 36 Rafale fighter jets from Dassault. By then, the total amount owed by Reliance to the French state in taxes was at least 151 million euros.
— julien bouissou (@jubouissou) April 13, 2019
बता दें कि राफ़ेल विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर लगातार बनी हुई है. सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड को डील से हटाकर अनिल अंबानी की रिलायंस डिफ़ेन्स को इस सौदे का पार्टनर बनाने के लिए मोदी सरकार घिर गई है. इसका कारण है कि अनिल अंबानी के पास विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं है. इसके साथ ही विमानों की क़ीमत को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. मीडिया रिपोर्टों में यह बात सामने आ चुकी है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के स्तर पर इस डील में गड़बड़ी की गई है.