साहब चाहते हैं कि आप उन्हें देखें- ज़िला परिषद के स्कूलों को मोदी प्रेरित फ़िल्म दिखाने का निर्देश, विपक्ष कहा- सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग
राकांपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी की लोकप्रियता खत्म हो रही है इसलिए स्कूल के बच्चों को फ़िल्म दिखाने की नौबत आ गई है।
महाराष्ट्र के स्कूलों में प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरित फ़िल्म दिखाने को लेकर सियासी जंग छिड़ गई है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि भाजपा सरकारी मशीनरी का ग़लत उपयोग कर रही है। स्कूल के बच्चोंको यह फ़िल्म दिखाने के उतावलेपन का मतलब है कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता घट रही है।
गौरतलब है कि राज्य के ज़िला परिषद स्कूलों को महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के अंदर वह प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरित एक लघु फ़िल्म की स्क्रीनिंग करें।
द वायर के अनुसार राज्य के कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी पर सिर्फ एक लघु फ़िल्म ही क्यों दिखाई जाए, उन पर तो पूरा पाठ्यक्रम बनाना चाहिए और छात्रों को इसमेंडिग्री भी मिलनी चाहिए। वहीं राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि मोदी की लोकप्रियता खत्म हो रही है इसलिए अब स्कूल के बच्चों को फ़िल्म दिखाने की नौबत आ गई है।
स्कूल विभाग के सूत्रों के अनुसार यह आदेश मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से ही जारी हुआ है। हालांकि इस बात कि पुष्टि नहीं हो पाई कि यह आदेश लिखित या मौखिक जारी हुआ है।
क्योंकि केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारों द्वारा इस फ़िल्म का इतना प्रचार किया जा रहा है, ऐसे सवाल उठना लाज़मी है। आलम यह है कि इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इससे पहले बीते 12 सितंबरको इस फ़िल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग राज्य सभा में भी की गई थी। उससे एक दिन पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए इसकी स्क्रीनिंग हो चुकी है।