बीजेपी वालों को इस गांव में आना सख़्त मना है। जान, माल की रक्षा स्वयं करें!
उत्तर प्रदेश के अमरोहा ज़िले के एक गांव रसूलपुर माफ़ी में किसानों ने गांव के बाहर एक बोर्ड तानकर भाजपा को चेतावनी जारी कर दी है।
मोदी सरकार द्वारा किसान आंदोलन को पुलिसिया कार्रवाई के द्वारा दबाने की कोशिश से किसान खासा नाराज़ हैं। बीते 2 अक्टूबर को किसान क्रांति यात्रा के दौरान शांति से मार्च कर रहे किसानी जत्था को दिल्ली-यूपी बोर्डर पर ही रोक लिया गया, फिर उनपर वाटर कैनन से लेकर आंसू गैस के गोले तक इस्तेमाल किए गए। भाजपा सरकार के इस रवैए से किसान इतने आग बबूले हैं कि उन्होंने अपने गांव में भाजपा वालों को नहीं आने की सख़्त चेतावनी दी है।
मीडिया विजिल के अनुसार उत्तर प्रदेश के अमरोहा ज़िले के एक गांव रसूलपुर माफ़ी में किसानों ने गांव के बाहर एक बोर्ड तानकर भाजपा को चेतावनी जारी कर दी है।
गौरतलब है कि बोर्ड में लिखा हुआ है कि “बीजेपी वालों को इस गांव में आना सख़्त माना है।जान, माल की रक्षा स्वयं करें।”
बोर्ड में नीचे किसान एकता, रसलपूर माफ़ी दर्ज़ है। सोशल मीडिया पर वायरल इस फ़ोटो में अंदाजा लगाया जा रहा है कि दिल्ली में पुलिसिया ज्यादती से किसान काफ़ी गुस्से में हैं। भाजपा सरकार के प्रति विरोध दर्ज़ कराने का यह उत्तरप्रदेश में अपने किस्म का यह पहला मामला है।