फ़ेक विडियो शेयर कर बार-बार गच्चा खा रही हैं स्मृति ईरानी, राहुल पर लगाया आरोप झूठा निकला
एक वृद्ध महिला का विडियो शेयर करते हुए स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया था कि राहुल बूथ कैप्चरिंग करवा रहे हैं. चुनाव आयोग ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है.
अमेठी में सोमवार को हुए मतदान के दिन एक वृद्ध महिला का विडियो काफ़ी वायरल हुआ. विडियो में वृद्ध महिला आरोप लगा रही है कि वह कमल छाप को वोट करना चाह रही थी लेकिन उनसे जबरदस्ती हाथ छाप पर वोट डलवाया गया.
इसके बाद वायरल क्लिप को बिना पुष्टि के ही अमेठी से भाजपा प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा ट्वीट कर दिया गया. ईरानी ने चुनाव आयोग का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि राहुल बूथ पर कब्जा करवा रहे हैं.
Alert @ECISVEEP Congress President @RahulGandhi ensuring booth capturing. https://t.co/KbAgGOrRhI
— Smriti Z Irani (@smritiirani) May 6, 2019
इस ट्वीट के बाद प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेंकटेश्वरुलु ने कहा है कि स्मृति ईरानी के बूथ कैप्चरिंग के आरोप गलत हैं. प्रसारित वीडियो क्लिप में वृद्धा के लगाए गए आरोप ‘’बेबुनियाद’’ हैं.
Chief Electoral Officer (CEO) of #UttarPradesh, Lakku Venkateshwarlu, has said that the allegations of booth capturing leveled by Union minister #SmritiIrani in #Amethi are false https://t.co/aMIUSXFPnW
— National Herald (@NH_India) May 7, 2019
इससे पहले भी अमेठी के ज़िला अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया था कि मतदान बहुत शांति और निष्पक्ष ढंग से समपन्न हुआ है. किसी प्रकार की बूथ कैप्चरिंग की घटना नहीं हुई है.
https://twitter.com/navi42937935/status/1125449003959590912
चुनाव आयोग के बयान आने के बाद एक बार फिर केन्द्रीय मंत्री झूठा साबित हो गई हैं. इससे पहले आयुष्मान भारत को लेकर भी उनका झूठ पकड़ा गया था.
बता दें कि बीते दिन केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने एक विडियो शेयर किया था. जिसमें दावा किया था कि अमेठी में संजय गांधी अस्पताल में एक मरीज का इलाज़ महज इसलिए नहीं हुआ क्योंकि उनके पास आयुष्मान कार्ड था. इसके बाद प्रधानमंत्री ने भी अपनी चुनावी सभाओं में इसका जिक्र कर दिया.
लेकिन मीडिया रिपोर्ट और अस्पताल प्रशासन के दस्तावेजों के आधार पर यह बात निकलकर की आई कि मरीज़ का इलाज अस्पताल में ही किया गया था. हालांकि अभी तक मरीज़ का आयुष्मान कार्ड ही नहीं बना था. अस्पताल के निदेशक कैप्टन सूरज महेंद्र चौधरी ने रविवार को कहा था कि ये इल्जाम पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित है.