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कर्नाटक में हिन्दुओं पर मुस्लिमों द्वारा हमले की झूठी खबर के रूप में पेश किया जा रहा था झारखंड का विडियो

Altन्यूज़ की पड़ताल

“जिस भड़वे को लगता है कि देश में 2019 में कांग्रेस आना चाहिए कांग्रेसी चमचे को ये वीडियो देख लेना चाहिए कर्नाटक में 1 महीना भी नही हुआ है सरकार बने और ये हालात है वीडियो में मुस्लिम बाजार में मुस्लिमो ने हिन्दू और पुलिस को कैसे दौड़ा दौड़ा कर पिट रहा है भारत में सुरक्षित रहना है।”

इस संदेश के साथ एक विडियो वायरल हो रहा है जिसमें बाइक से जा रहे एक युवक पर कुछ लोगों द्वारा हमला देखा जा सकता है। दावा किया गया है कि कांग्रेस-जेडीएस सत्ता संभालने के बाद से कर्नाटक में यह स्थिति है।

उपर्युक्त ट्वीट 12 जून की दोपहर को पोस्ट किया गया था और शायद ट्विटर पर इस तरह का दावा सबसे पहले पोस्ट करने वालों में से एक हैंडल यह भी था। हालांकि फेसबुक पर भी यह वीडियो और मेसेज शेयर किए जा रहे हैं। ज्यादातर पर्सनल यूजर्स जिन्होंने इसे अपलोड किया है वो एक ही जैसे मेसेज का उपयोग कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर इस ओर इशारा जाता है कि इसे व्हाट्सएप पर भी व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है।

यह विडियो झारखंड का है कर्नाटक का नहीं

ऑल्ट न्यूज़ ने इस विडियो की पड़ताल InVID सॉफ्टवेयर से शुरू की। इस विडियो को कई फ्रेम में तोड़कर इसका रिवर्स इमेज सर्च किया लेकिन हमें कोई परिणाम नहीं मिला। उसके बाद हमने विडियो को देखते हुए उसके साथ फैलाए जा रहे मेसेज से कुछ शब्द जैसे “पुलिस को दौड़ा दौड़ा कर पीटा” लेकर उस रिवर्स इमेज की गई तस्वीर को फिर से ढूंढा, ऐसा करने पर हमें दैनिक जागरण का एक लेख मिला।

यह विडियो रांची, झारखंड का है। द पायनियर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने कथित तौर पर केंद्र में चार साल की बीजेपी सरकार का जश्न मनाने के लिए आयोजित बाइक रैली के दौरान उत्तेजक नारे लगाए थे। इसके विरोध में यह हंगामा शुरू हुआ था। भाजयुमो भाजपा का युवा संगठन है। द पायनियर ने लिखा है, “रविवार को दोपहर में बाजार क्षेत्र के पास हुए विवाद और फिर पत्थरबाजी के बाद इस तरह की स्थिति हो गई जिससे जब भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने केंद्र में 4 साल की सरकार का जश्न मनाते हुए मार्च के दौरान सांप्रदायिक नारे लगाने लगे। इसपर स्थानीय लोगों ने युवाओं को रोका जिससे इस तरह की बड़ी घटना ने रूप ले लिया बाद में पुलिस बल ने अंततः इस विवाद पर काबू पाया।” इस खबर की जानकारी जागरण और जनसत्ता ने भी दी थी।

यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि जागरण के टाइटल में शब्द “दौड़ाकर पीटा” है। नकली संदेश बनाने के लिए भी इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

कुछ ही दिन पहले कर्नाटक में मुस्लिमों द्वारा हिंदुओं को मारने की झूठी खबर सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी। मई 2018 में राज्य विधानसभा के चुनाव के बाद से यह राज्य नकली समाचार से जूझ रहा है। ज्यादातर नकली ख़बरों में हिंदू समुदाय के लिए यह राज्य नरक के रूप में चित्रित किया जाता है। नकली और उत्तेजक ख़बरें जो मुस्लिम समुदाय को लक्षित कर रही हो वैसी कांग्रेस-जेडीएस की सरकार के सत्ता में आने के बाद से बढ़ गई है।

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