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वायरल वीडियो: उत्तराखंड में मुसलमानों द्वारा नागा साधु की पिटाई का झूठा दावा

ऑल्ट न्यूज़ ने पटेल नगर, देहरादून के थाना प्रभारी से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि यह घटना सोशल मीडिया पर झूठी कथा के साथ प्रसारित की जा रही है।

एक ट्विटर हैंडल इमाम ऑफ पीस (@Imamofpeace ) ने 2 सितंबर की सुबह ट्वीट किया, “भारत में इस्लामी चरमपंथी एक गरीब और बुजुर्ग भारतीय भिखारी को मार रहे। मैं सचमुच चाहता हूं कि इस इस्लामवादी अपराधी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाए। @narendramodi” इस ट्वीट से जुड़े वीडियो में एक युवक एक बुजुर्ग आदमी को मार रहा दिखता है। छह घंटों में, इसे 3,300 से अधिक बार रीट्वीट किया गया था। नुकसान हो जाने के काफी बाद और बिना किसी स्पष्टीकरण @Imamofpeace ने अब इस ट्वीट को हटा दिया है। इसका आर्काइव संस्करण यहां देखा जा सकता है।

बॉलीवुड अभिनेत्री कोयना मित्रा उन लोगों में से थीं, जिन्होंने वीडियो को रीट्वीट किया था। बल्कि उन्होंने अलग से यह भी दावा किया की कि जिस व्यक्ति को पीटा गया था वह “नागा साधु” था। उन्होंने भी बिना किसी स्पष्टीकरण के ट्वीट को वापस ले लिया है (आर्काइव)।

स्क्विंट नियॉन और पोस्टकार्ड तेलुगु ने भी यह खबर चला दी कि उत्तराखंड में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने नागा साधु को मारा था। स्क्विंट नियॉन ने बिना किसी स्पष्टीकरण के ट्वीट को हटा दिया है।

यह वीडियो आनंद श्रीवास्तव ने 2 सितंबर को सुबह 5:25 बजे प्रसारित किया था। श्रीवास्तव भारत हेराल्ड नामक वेबसाइट का संस्थापक है जो नियमित भाजपा-समर्थक पोस्ट करता है। उसके ट्वीट को लेखक राजीव मल्होत्रा ​​और शेफाली वैद्य ने रीट्वीट किया था। बाद में आनंद श्रीवास्तव ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

anant shirivastav
माई नेशन  के संपादक अभिजीत मजूमदार ने वीडियो को उसी दावे के साथ प्रसारित किया कि जिस आदमी पर हमला किया गया वह नागा साधु था।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले कई अन्य व्यक्तिगत उपयोगकर्ता थे।

ऑल्ट न्यूज़ ने इस सिलसिले में खोजबीन करने पर सबसे पुराना उदाहरण 30 अगस्त को सुबह 3:31 बजे @s_rajesh007 नामक एक ट्विटर हैंडल का पाया। उपयोगकर्ता ने ट्वीट के साथ एक फेसबुक लिंक भी पोस्ट किया था, जिसे अब हटा दिया गया है।


न नागा साधु, न मुस्लिम युवक द्वारा पिटाई

ऑल्ट न्यूज़ ने पटेल नगर, देहरादून के थाना प्रभारी से संपर्क किया, जिन्होंने हमें बताया कि यह घटना सोशल मीडिया पर झूठी कथा के साथ प्रसारित की जा रही है। “जिस आदमी को पीटा गया वह नागा साधु नहीं, एक भिखारी है। वह विवाहित है और उसके छह बच्चे हैं। वह भोजन मांगने एक घर गया था। वहां उसने उसी महिला से छेड़छाड़ की, जिसने उसे चाय और बिस्कुट दी।”

थाना प्रभारी ने आगे बताया कि उसे महिला के भाई ने पीटा था, और वह मुसलमान नहीं, बल्कि हिंदू परिवार का था। भिखारी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिसने महिला से छेड़छाड़ की और बहुत नशे में था। वह अब पुलिस हिरासत में है।

देहरादून पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी इस बारे में बयान दिया कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावे निराधार हैं : “वह व्यक्ति बहरूपिया है जिसके खिलाफ नशे में रहते हुए एक महिला से छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज की गई है।”

पुलिस ने भ्रामक आरोपों पर एक और स्पष्टीकरण ट्वीट किया और बताया कि जिस व्यक्ति को पीटा गया था वह भक्तों के सामने भिखारी बन जाता था। “सुशील नाथ को नशे की लत है जो पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहा है। 24.08.2018 को, उसने एक घर में प्रवेश किया और एक महिला से छेड़छाड़ की, जिसके बाद उसे महिला के भाई शुभम और अन्य स्थानीय लोगों ने पीटा।”


मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के खिलाफ प्रचार करने के लिए कुछ लोगों द्वारा झूठी कथा का निर्माण किया गया था। अभिनेत्री कोयना मित्रा पहले भी झूठा लव जिहाद रेट कार्ड ट्वीट करने के लिए चर्चा में रह चुकी है। इसी प्रकार, स्क्विंट नियॉन ने भी कांवर यात्रा के दौरान हिंसा करने के लिए झूठे तरीके से मुसलमानों को दोषी ठहराया था। जब उत्तेजक जानकारी ऐसे परिचित हैंडलों द्वारा प्रसारित की जाए तो इस पर संदेह करना और तथ्यों की जांच कर लेना जरूरी है।

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