महाराष्ट्र: फडणवीस ने बुलेट ट्रेन परियोजना को बिना बैठक के दे दी मंजूरी, पोल खोलने वाले सूचना अधिकारी को किया निलंबित
जीतेंद्र घडगे ने आरटीआई दायर कर बुलेट ट्रेन परियोजना की मंजूरी पर जवाब मांगा था.
महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का पोल खोलने वाले आरटीआई अधिकारी को निलंबित कर दिया है. इस अधिकारी ने बताया था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले एक पैनल ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना ही बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दे दी थी.
दरअसल आरटीआई कार्यकर्ता जीतेंद्र घडगे ने एक आवेदन में बुलेट ट्रेन परियोजना की मंजूरी के बारे में जवाब मांगा था. इस पर सूचना अधिकारी सारंगकुमार पाटिल ने जवाब देते हुए कहा था कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए फडणवीस के नेतृत्व वाली समिति ने बिना किसी बैठक के परियोजना को मंजूरी दे दी थी.
न्यूज़18 की ख़बर के अनुसार अब महाराष्ट्र सरकार ने सूचना अधिकारी पाटिल को कथित रूप से गलत जानकारी देने के आरोप में निलंबित कर दिया है. हालांकि आरटीआई अधिनियम के तहत गलत जानकारी देने पर किसी सूचना अधिकारी को निलंबित करने का यह पहला मामला सामने आया है.
बता दें कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना का दोनों शहरों के किसान और भूमि मालिक लगातार विरोध कर रहे हैं.
आरटीआई दायर करने वाले घडगे ने कहा कि सांरग कुमार पाटिल के निलंबन से वे चकित हैं और उनका मानना है कि इस मामले में पाटिल ने सही जानकारी दी थी. घडगे ने कहा कि बैठक की तारीखें न बताकर मुख्यमंत्री कार्यालय साफ तौर पर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है और इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि जानकारी ग़लत है.
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पाटिल का निलंबन जल्द ही रद्द हो जाएगा. ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री फडणवीस और महाराष्ट्र के गृह विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.