फैक्ट चेकः पश्चिम बंगाल में भगवा झंडा फहराने पर हिंदू युवक की नहीं हुई पिटाई, सोशल मीडिया पर झूठा दावा वायरल
ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल
पश्चिम बंगाल में अपने घर के ऊपर भगवा झंडा लहराने पर एक हिंदू युवक को पीटे जाने का दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर वायरल हुआ है। लोगों के एक समूह द्वारा पेड़ से बांधकर एक युवक को पीटे जाने का एक वीडियो इस संदेश के साथ साझा किया है कि- “यह है पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति। इस हिंदू लड़के ने अपने घर के ऊपर भगवा झंडा फहराया। ले. कर्नल दिलीप कुमार हवनूर द्वारा इसे फॉरवर्ड किया गया हैं।”- (अनुवाद )
इसी पोस्ट को, कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा हिंदी, तेलुगु और तमिल में भी शेयर किया गया है।
इसी प्रकार यह वीडियो ट्विटर पर भी वायरल है।
This is the position of Hindus in West Bengal.This Hindu boy hoisted saffron flag atop his house. @MamataOfficial The day is not too far when every Hindu will be crucified like this boy.#SaveBengalSaveDemocracy #BattleForBengal @TajinderBagga @KapilMishra_IND @MODIfiedVikas pic.twitter.com/PbrWyoERiZ
— Deepak Kapur™ 🌞 (@realkapur) May 16, 2019
इस वीडियो क्लिप को व्हाट्सएप पर भी साझा किया गया है।

सच क्या है?
ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि पिछले साल भी इसी क्लिप को एक अलग दावे से फैलाया गया था कि बंगाल में अपने घर के ऊपर भगवा झंडा फहराने पर एक हिंदू युवक पर हमला किया गया। अगर ध्यान से सुना जाए तो भीड़ को पूर्वी भारत के हिंदी भाषी राज्यों के लोगों की बोली हिंदी में बातचीत करते सुना जा सकता है।
यह वीडियो, वास्तव में यूपी के देवरिया में हुई एक झड़प को दर्शाता है। यूपी में 18 वर्षीय एक युवक की पेड़ से बांधकर पिटाई करने पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, “उन्होंने [पुलिस ने] बताया, पीड़ित के साथ मारपीट इसलिए हुई, क्योंकि उसने आरोपियों में से एक से 1,500 रुपये जो उसने उधार दिए थे, लौटाने को कहा था।” – (अनुवाद )
खबरों के अनुसार, यह घटना 31 मार्च, 2018 को हुई थी। यह क्लिप, जो इन दिनों झूठी कहानी के साथ वायरल हो रही है, घटना के बाद से ही प्रसारित हो रही है।

देश में चल रहे आम चुनाव में पश्चिम बंगाल, गलत सूचनाओं का प्रमुख निशाना बना रहा है।