फैक्ट चेकः मध्यप्रदेश में मदरसा छात्रों ने नहीं लगाए ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे, सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी ख़बर
ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल
सोशल मीडिया में व्यापक रूप से साझा किये गए एक वीडियो में दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में मदरसा के छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि ये छात्र अंजुमन स्कूल के थे और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे।
Students of madarsa school Mandsaur district (MP) shouted slogans of anti country.. @Payal_Rohatgi @AskAnshul @ThePlacardGuy pic.twitter.com/RBSpP3bYCY
— Shivam Gupta (@agraharishivam7) July 15, 2019
एक ट्विटर उपयोगकर्ता रूप दारक, जिसे बीजेपी सांसद अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल के दफ्तर के ट्विटर हैंडल द्वारा फॉलो किया जाता है, उन्होंने इस वीडियो को एक संदेश के साथ साझा किया है-“लो साहेब देशद्रोही मंदसौर तक आ गए है तुम घर मे ही रहना मंदसौर में अंजुमन स्कूल से निकलते ही पाकिस्तान जिंदाबाद ओर हिंदुस्तान मुर्दाबाद ओर हिन्दुस्थान चोर है के नारे लगवाए ओर में तो ये कहूंगा कि पुलिस प्रशासन ने साथ रह के लगवाए”।
https://twitter.com/roopnayandarak/status/1151020609897299969
एक अन्य ट्विटर यूज़र जिनके सिर्फ 53 फॉलोवर्स में से एक पियूष गोयल का कार्यालय भी शामिल है, उन्होंने भी इस वीडियो को प्रसारित किया है।
समान दावे से एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल है।
मंदसौर में अंजुमन स्कूल से निकलते ही पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए।।
फिर ये डरे हुए बोलते हैं की हमने किया क्या है
Posted by Kajal Yadav on Tuesday, 16 July 2019
फेसबुक और ट्विटर पर दोनों वीडियो सामान रूप से वायरल है।

तथ्य जांच
गूगल पर संबधित कीवर्ड्स से सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिली और हमनें पाया कि ये छात्र अपने स्कूल के प्रिंसीपल के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे है। वे लोग ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ नहीं बल्कि अपने अध्यापक के नाम – ‘साबिर सर ज़िंदाबाद’ का नारा लगा रहे है।

नई दूनिया की एक स्थानीय रिपोर्ट में इस घटना के बारे में अधिक जानकारी दी गई है। स्कूल के प्रमुख और अंजुमन समिति के सचिव के बीच आंतरिक विवाद के कारण विरोध हुआ था। सचिव एमडी हुसैन रिसालदार ने प्राचार्य एमडी साबिर पानवाला पर 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि को गबन करने का आरोप लगाया और उन्हें अपना पद छोड़ने के लिए भी कहा। इन आरोपों के बीच, पानवाला ने स्कूल को बंद कर दिया और छात्र उनके समर्थन में सड़क पर उतर गए और उनके नारे भी लगाए। जल्द ही उपरोक्त घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया और कुछ संगठनों ने पुलिस से शिकायत की कि रैली में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। हालांकि, प्रिंसिपल और कई अन्य लोगों ने बताया कि छात्रों ने ‘साबिर सर ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए थे।
मंदसौर CSP नरेंद्र सोलंकी ने एक वीडियो के ज़रिये बयान दिया,“बच्चों वहां पर ऐसा लगा कि उनके सर को उनसे अलग कर रहे है। बच्चों के द्वारा साबिर सर ज़िंदाबाद ‘साबिर साब ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए गए तो वो सोशल मीडिया में उसे ऐसा प्रचारित किया गया था। दूसरे संगठनो के द्वारा बताया गया कि उसमें ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए गए। प्रथम दृष्टि में फॉरेंसिक रूप से उनकी लिप्सिंग की जांच करवाई और उसे स्लो मोशन में उसे चलाया। हमें पता चला कि बच्चे साबिर सर ज़िंदाबाद के नारे लगा रहा है। इसमें हमारी पुलिस प्रशाशन की यही अपील है कि जब भी ऐसी कोई घटना होती है, जो कि क़ानून व्यस्था या सांप्रदायिक विवाद का कारण बनती है तो इसमें समुचित जांच होने के बाद ही कोई कदम उठाए। सोशल मीडिया में ऐसा कोई संदेश न फैलाया जाए जिससे वहां की लोक व्यवस्था या शांति प्रभावित हो”।
इस वायरल वीडियो को स्लो मोशन यानि की धीमी गति से देखने पर, बच्चों के नारो को साफ तौर पर सुना जा सकता है।
पहले भी कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं का एक वीडियो जिसमें वे ‘भाटी साब ज़िंदाबाद’ का नारा लगा रहा थे, उसे सोशल मीडिया में पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाने जाने के गलत दावे से साझा किया गया था।