मोदी जी, अब आप अपनी रैली में मनरेगा मजदूर, असंगठित क्षेत्र के कामगार और करोड़ों बेरोज़गारों से क्यों नहीं पूछते कि अच्छे दिन आए या नहीं?- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी से पूछा कि नोटबंदी के कारण 50 लाख नौकरियां गईं, इसका गुनहगार कौन? जवाब देंगे प्रधानसेवक जी?
कांग्रेस नेता और भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने मजदूर दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार से पिछले पांच सालों का हिसाब मांगा है. “दस दिन दस सवाल रोज” मुहिम की शुरुआत करते हुए दिग्विजय सिंह ने रोज़गार और नोटबंदी सहित कई मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगा है.
नोटबंदी से हुए रोज़गार की क्षति पर ध्यान दिलाते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि जिस नोटबंदी पर प्रधानमंत्री मोदी गुमान करते रहे उसे लेकर RSS के भारतीय मजदूर संघ ने कहा था कि नोटबंदी के कारण चार से पांच करोड़ मजदूरों का रोजगार चला गया. दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि श्रमिकों के साथ यह अन्याय क्यों किया गया है.?
प्रश्न 1- प्रधानमंत्री मोदी जिस नोट बंदी पर गुमान करते रहे उसे लेकर RSS के भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैजनाथ राय ने कहा था कि नोटबंदी के कारण चार से पांच करोड़ मजदूरों का रोजगार चला गया। क्या संघ झूठ बोल रहा है?
जवाब दीजिये कि श्रमिकों के साथ ये अन्याय क्यों?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
बेरोज़गारी के मामले पर मोदी सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा की सरकार में बेरोज़गारी की दर 6.1 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा है. इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि 2018 में देश में 1.1 करोड़ नौकरियां खत्म हुईं नोटबंदी के कारण 50 लाख नौकरियां गईं, इसका गुनहगार कौन है?
प्रश्न 2- क्या यह सही नहीं है कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी की दर 6.1% से अधिक हो गई है जो 45 साल में सबसे ज्यादा है? 2018 में देश में 1.1 करोड़ नौकरियां खत्म हुईं नोटबन्दी के कारण 50 लाख नौकरियां चली गईं। कौन है इसका गुनहगार?
— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
मध्यप्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार 2016 में मध्यप्रदेश में बेरोज़गारी की दर 4.1 प्रतिशत थी, जो दिसंबर 2018 में बढ़कर 9.8 प्रतिशत तक पहुंच गई. इस पर दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि प्रदेश में बेरोज़गारी की दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक क्यों हो गई?
प्रश्न 3- सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) के अनुसार 2016 में मप्र में बेरोजगारी की दर 4.1% थी जो दिसंबर 2018 में बढ़कर 9.8% तक पहुंच गई। प्रदेश में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक क्यों हो गई?
— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
मजदूर संगठनों की सलाह के बिना ईज़ ऑफ बिजनेस के नाम पर मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े 44 कानूनों को ख़त्म कर सिर्फ 4 नए कोड बनाने के प्रयास पर भी दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा है कि सिर्फ फ़ैक्ट्रियों को सुरक्षित रखा जा रहा है मज़दूरों को क्यों नहीं?
प्रश्न 4- Ease of Business के नाम पर मज़दूरों की सुरक्षा से जुड़े 44 क़ानून हो ख़त्म कर सिर्फ़ 4 नए कोड बनाने के प्रयास क्यों हैं? मज़दूर संगठनों की सलाह के बिना!
सिर्फ़ उद्यमियों का जीवन आसान होना चाहिए मोदी जी, श्रमिकों का नहीं?
सिर्फ़ फ़ैक्टरी सुरक्षित रहे, मज़दूर नहीं?क्यों?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
स्वरोजगार में कम आमदनी होने को लेकर मोदी सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा है, “मोदी जी, आप कहते है कि युवा नौकरी माँगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें. लेकिन आँकड़े बताते हैं कि देश में 80% स्वरोज़गार वालों की मासिक आय ₹10000 से कम है!” कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि 10 हजार महीने में युवा अपना घर चलाएं या दूसरों को रोज़गार दें. इस तरह के जुमलों से मोदी सरकार बेरोज़गारों का मजाक क्यों बना रही है?
प्रश्न 5- मोदी जी, आप कहते है कि युवा नौकरी माँगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।
लेकिन आँकड़े बताते हैं कि देश में 80% स्वरोज़गार वालों की मासिक आय ₹10000 से कम है!
इसमें वो क्या अपना घर चलाएँ, क्या दूसरों को रोज़गार दें?
ऐसे जुमलों से बेरोज़गारों का मज़ाक़ क्यों?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
दिग्विजय सिंह ने छठा सवाल पूछते हुए लिखा, “कांग्रेस ने आज़ादी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के मज़बूत उद्यम लगाए थे. यह देश की आर्थिक और सामरिक सुरक्षा की रीढ़ रहे थे. मोदी जी ने सिर्फ़ पाँच साल में सत्तर सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया. ONGC, BHEL, HAL, LIC, SBI, BSNL सभी नवरत्न कम्पनियाँ आपके राज में डूब गई! कैसे?”
प्रश्न 6: कांग्रेस ने आज़ादी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के मज़बूत उद्यम लगाए थे।देश की आर्थिक और सामरिक सुरक्षा की ये रीढ़ रहे थे। मोदी जी ने सिर्फ़ पाँच साल में सत्तर सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ONGC, BHEL, HAL, LIC, SBI, BSNL सभी नवरत्न कम्पनियाँ आपके राज में डूब गयी! कैसे?
— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
दिग्विजय सिंह ने सातवे सवाल में ओएनजीसी के विकास को लेकर पूछा, “ONGC का हाल देख लीजिए. देश की सबसे ज़्यादा ‘cash rich’ कम्पनी थी. 2013-14 में 10798.9 करोड़ कैश था. जो साल 2014-15 में 118.5 करोड़ हो गया. वहीं 2015-16 में 13.9 करोड़, साल 2016-17 में 42.7 करोड़ और साल 2017-18 में 29.6 करोड़ रह गया है! यही है विकास? नया बनाया नहीं, पुराना बर्बाद कर दिया!”
प्रश्न 7- ONGC का हाल देख लीजिए। देश की सबसे ज़्यादा ‘cash rich’ कम्पनी थी।
2013-14 ₹10798.9 करोड़ कैश था
2014-15 ₹118.5 करोड़ हो गया
2015-16 ₹ 13.9 करोड़
2016-17 ₹42.7 करोड़
2017-18 ₹29.6 करोड़ रह गया है!
यही है विकास?
नया बनाया नहीं, पुराना बर्बाद कर दिया!— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
दिग्विजय सिंह ने एचएएल के नुकसान को लेकर पीएम मोदी से आठवां सवाल किया, उन्होंने कहा, “HAL सामरिक सुरक्षा की रीढ़ है, मुनाफ़े में भी रही है. इतना मुनाफ़ा कि ख़ुद मोदी सरकार को 11,024 करोड़ कैश ट्रान्स्फ़र किया और 4,631 करोड़ का डिवीडेंड भी दिया. और आज? पहली बार सैलरी के लिए ₹ 781 करोड़ का क़र्ज़ लेना पड़ा! जो हमने बनाया, आपने क्यों बर्बाद किया मोदी जी?”
प्रश्न 8- HAL सामरिक सुरक्षा की रीढ़ है, मुनाफ़े में भी रही है।
इतना मुनाफ़ा कि ख़ुद मोदी सरकार को ₹11,024 करोड़ कैश ट्रान्स्फ़र किया,₹4,631 करोड़ का डिवीडेंड भी दिया।
और आज?
पहली बार सैलरी के लिए ₹ 781 करोड़ का क़र्ज़ लेना पड़ा!
जो हमने बनाया, आपने क्यों बर्बाद किया मोदी जी?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने नौवा सवाल सरकारी बैंकों के घटते मुनाफे को लेकर पूछा, “सरकारी बैंक मुनाफ़े में थे, अब लगातार घाटे में जा रहे हैं 2013-14 में 37,393 करोड़, साल 2014-15 में मुनाफा 45,743 कोरड़, साल 2015-16 में मुनाफा घटकर 17,993 करोड़ पहुंचा. वहीं साल 2016- 17 में 11,389 करोड़, साल 2017-18 में 87,357 करोड़, साल 2018-19 में 80,000 करोड़ तक मुनाफा लुढ़क गया. भारत की शान SBI भी घाटे में ले आए.”
प्रश्न 9-सरकारी बैंक मुनाफ़े में थे, अब लगातार घाटे में जा रहे हैं
2013-14 profit 37,393 crore
2014-15 profit 45,743 crore
2015-16 loss 17,993 crore
2016- 17 loss 11,389 crore
2017-18 loss 87,357 crore
2018-19 loss 80,000 crore (est.)
भारत की शान SBI भी घाटे में ले आए!— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
अपने अंतिम और दसवें सवाल में दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से अच्छे दिनों पर तंज कसते हुए पूछा, “मोदी जी, चुनाव ख़त्म होने को हैं. आपने 2014 में अच्छे दिनों का सपना दिखाकर वोट लिया था. आप अपनी रैली में जनता से क्यों नहीं पूछते कि अच्छे दिन आए कि नहीं! आप मनरेगा मजदूर, असंगठित क्षेत्र के कामगार और करोड़ों बेरोज़गारों से क्यों नहीं पूछते कि उनके दिन कैसे हैं?”
प्रश्न 10- मोदी जी, चुनाव ख़त्म होने को हैं। आपने 2014 में अच्छे दिनों का सपना दिखाकर वोट लिया था।
आप अपनी रैली में जनता से क्यों नहीं पूछते कि अच्छे दिन आए कि नहीं! आप मनरेगा मजदूर, असंगठित क्षेत्र के कामगार और करोड़ों बेरोज़गारों से क्यों नहीं पूछते कि उनके दिन कैसे हैं?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) May 1, 2019
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह के सामने मालेगांव आतंकी हमले की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारा है.