झारखंड: मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने के लिए ओप इंडिया और दैनिक भास्कर ने चलाई झूठी ख़बर, हरमू फल मंडी में धार्मिक नारेबाजी के लिए दबाव को पुलिस ने झुठलाया
न्यूज़सेंट्रल24×7 ने अपने स्तर से इस ख़बर की पड़ताल की. हमने पाया कि यह मामला किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं है.
रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू फल मंडी में चार युवकों द्वारा दो लोगों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. समाचार वेबसाइट ओप इंडिया और दैनिक भास्कर ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देते हुए ख़बर चलाई कि मुसलमानों द्वारा दो हिन्दुओं की पिटाई की गई है. जबकि मामला कुछ और ही है.
दैनिक भास्कर के मुताबिक अनुसूचित जाति के दो युवक शेखर राम और बसंत राम अपना पशु ढूंढने हरमू फूलमंडी गए थे. वहां चार लोगों ने शेखर और बसंत को पकड़ लिया और उनका पहचान पूछा. ओप इंडिया के मुताबिक इन दोनों युवकों से चार मुसलमान लोगों ने तबरेज का विडियो दिखाकर मुस्लिम समुदाय से जुड़ा धार्मिक नारा लगाने को कहा. लेकिन, शेखर और बसंत ने इससे इनकार कर दिया. ओप इंडिया के मुताबिक इसके बाद मुस्लिम युवकों ने इन दोनों को चोर बताते हुए चाकू से हमला कर दिया, जिसमें दोनों घायल हो गए हैं.
न्यूज़सेंट्रल24×7 ने अपने स्तर से इस ख़बर की पड़ताल की. हमने पाया कि यह मामला किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं है. बातचीत में अरगोड़ा थाना के इंस्पेक्टर ने कहा कि एफ़आईआर में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि कोई धार्मिक नारे लगवाने का दबाव बनवाया गया हो. उन्होंने कहा, “दो लोग सुअर ढूंढने हरमू फलमंडी गए थे, इसपर कुछ लोगों ने उनका पहचान पूछा और उनके ऊपर जातीय टिप्पणी की. दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुआ, जिसमें दो लोगों को खरोचें आई हैं. कहीं कोई चाकू नहीं चला है. एससी-एसटी एक्ट के तहत मुक़दमा दर्ज कराया गया है.”
अरगोड़ा थाना के इंस्पेक्टर के बयान से स्पष्ट है कि मुस्लिम समुदाय के युवकों ने शेखर राम और बसंत राम से कोई धार्मिक नारेबाजी करने के लिए दबाव नहीं बनाया. ओप इंडिया ने इस ख़बर को मुसलमानों के ख़िलाफ़ मोड़ने की कोशिश की थी. बता दें कि ओप इंडिया वेबसाइट आए दिन इस तरह की ख़बरें प्रकाशित करते रहता है, जो तथ्यों से परे और सांप्रदायिक दुर्भावना से ग्रसित होते हैं.