‘मोदी’ राज में शिक्षक पर भीड़ ने बोला हमला
पेट्रोल डालकर जान से मारने की कोशिश की गई, हालत चिंताजनक
बिहार: मोदी राज में भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। किसी को भी पकड़ के पीटना और जान से मार देना, आम बात हो गई है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को मारने के लिए गुंडे भेजे जा रहे हैं। अभी चार रोज़ पहले जे.एन.यू.के छात्र उमर ख़ालिद पर भी जानलेवा हमला किया गया था।
ताज़ा मामला मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का है। यहां समाजशास्त्र विभाग में कार्यरत असिस्टेन्ट प्रोफेसर संजय कुमार पर कल दोपहर करीब साढ़े बारह बजे के आस-पास 20-25 लोगों ने हमला कर दिया। वे उन्हें उनके घर से मारते-पीटते ले गयें और पेट्रोल डाल कर उनको जान से मारने की भी कोशिश की गई। मौके पर मौजूद साथी शिक्षकों की मदद से संजय को बमुश्किल भीड़ से बचाया जा सका। उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना एम्स में रेफर कर दिया है। साथी शिक्षकों के कथनानुसार उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
गौरतलब है कि जनज्वार की रिपोर्ट के मुताबिक संजय के साथी शिक्षकों का कहना है कि यह हमला यूनिवर्सिटी के कुलपति, अरविंद अग्रवाल के इशारों पर किया गया। यूनिवर्सिटी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ यहां की शिक्षक एसोसिएशन काफी दिनों से कुलपति के खिलाफ हड़ताल पर थी। इसके चलते कुलपति ने कई आपराधिक तत्वों को पैसा खिलाकर शिक्षकों के खिलाफ कर रखा था।
पिछले दिनों संजय ने सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के बाद एक टिप्पणी की थी जिसे मुद्दा बनाकर गुंडा तत्वों को उन्हें निशाना बनाने का मौका मिल गया। उसके बाद से उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। हमले के पहले एक अनजाने नंबर से उनको धमकी भरा कॉल भी आया था।
पीड़ित संजय की ओर से पुलिस को दिए शिकायती पत्र में राहुल आर. पांडेय, पत्रकार संजय कुमार सिंह, अमन बिहारी वाजपेयी, सन्नी मिश्रा, पुरुषोत्तम मिश्रा, मीडियाकर्मी ज्ञानेश्वर गौतम, डीन पवनेश कुमार, दिनेश व्यास, सहायक प्राध्यापक जितेंद्र गिरी, संजय कुमार, समाजशास्त्र विभाग के राकेश पांडेय के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज़ कर ली है।