सेना की मजबूती, रक्षा मामले में स्वदेशीकरण सहित कई वादों के साथ कांग्रेस ने जारी किया राष्ट्रीय सुरक्षा का अपना विज़न
थल सेना, जल सेना और वायु सेना को एक एकीकृत युद्धक बल में बदलने के लिए वर्तमान और भविष्य की बल संरचनाओं की एक व्यापक समीक्षा की जाएगी.
कांग्रेस पार्टी ने आम चुनावों के लिए देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अपनी रणनीति साझा की है. पार्टी ने सेना को मजबूत बनाने व रक्षा मामले में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई है. राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के नाम से जारी इस एलान को लेफ़्टिनेंट जनरल डी.एस हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम ने साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रस्तुत किया. राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस की घोषणा के मुख्य बिंदु निम्न प्रकार से बिंदुवार दिए गए हैं:
जमीनी एवं समुद्री सीमाओं की सुरक्षा
- एक सीमा-एक बल का सिद्धांत अपनाया जाएगा
- म्यांमार सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए स्मार्ट फेंस का निर्माण किया जाएगा
- सभी भारतीय सीमाओं के पार एक व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली
- मिसाइल डिफेन्स सिस्टम का निर्माण
- राष्ट्रीय सुरक्षा प्राधिकरण स्थापित करने हेतु तटीय सुरक्षा विधेयक पारित करना और तटरक्षकों का सुदृढ़ीकरण करना.
सैन्य क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण
- थल सेना, जल सेना और वायु सेना को एक एकीकृत युद्धक बल में बदलने के लिए वर्तमान और भविष्य की बल संरचनाओं की एक व्यापक समीक्षा की जाएगी.
- एड हॉक बजट आवंटन की वर्तमान प्रणाली को तुरंत बदलकर ऐसा बजट लाया जाएगा जो दीर्घकालिक क्षमता विकास योजना पर आधारित हो.
सुरक्षा उत्पादों का स्वदेशीकरण
- निजी क्षेत्र की कंपनियों को प्रोत्साहन और सहायता प्रदान की जाएगी एवं एक रणनीति के तहत से रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों की जवाबदेही तय की जाएगी.
- भारत के रिसर्च और डेवलपमेंट आधार को मजबूत बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी.
साइबर सुरक्षा
- साइबर हमलों से निपटने के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई जाएगी, जिसमें साइबर हमले को हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता के ख़िलाफ़ एक शत्रुतापूर्ण काम माना जाएगा.
- पहले से घोषित साइबर एजेंसी को एक पूर्ण साइबर कमान में अपग्रेड किया जाएगा.