कांग्रेस ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र: रोज़गार, शिक्षा, न्यूनतम आय योजना और किसानों के अलग बजट सहित कई बड़े वादे
कांग्रेस ने वादा किया कि अगर हमारी सरकार आई तो मनरेगा के तहत साल में 100 दिन के बजाय 150 दिन काम मिलेंगे.
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना बहुप्रतिक्षित घोषणा पत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने अपने घोषणा पत्र के मूल एजेंडे में रोज़गार, किसानों की समस्या, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा व स्वास्थ्य को विशेष जगह प्रदान किया है. ‘हम निभाएंगे’ नाम से जारी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने किसानों के लिए अलग बजट बनाने, रोज़गार बढ़ाने सहित न्याय योजना के तहत ग़रीब परिवारों को आर्थिक मदद करने का वादा की है.
चलिए जानते हैं कि लोकसभा 2019 के लिए जारी कांग्रेस के चुनावी घोषणा में क्या खास है-
रोज़गार को लेकर बड़ा ऐलान
- कांग्रेस ने रोज़गार को लेकर बड़ा ऐलान किया है. घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया है कि केन्द्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, संसद और न्यायपालिका में खाली 4 लाख पदों को मार्च 2020 तक भर दिया जाएगा. इसके साथ ही राज्य सरकार में खाली 20 लाख पदों को भी भरा जाएगा. केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को आवंटित धनराशि की पहली शर्त होगी कि वो अपने यहां शिक्षा, स्वास्थ्य सहित स्थानीय निकायों में रिक्त पदों को सबसे पहले भरें.
- ग्रामीण इलाक़ों में रोज़गार के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने घोषणा की कि मनरेगा के तहत अब साल में 100 दिन के बजाय 150 दिन काम मिलेंगे.
किसानों के लिए अलग से बजट
- इस लोकसभा चुनाव में किसानों का मुद्दा अहम होने के वजह से कांग्रेस ने इस पर विशेष ध्यान दिया है. कांग्रेस ने ऐतिहासिक वादा करते हुए किसानों के लिए अलग से बजट लाने की बात कही है.
- छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के तरह ही और राज्यों में भी कर्जमाफ़ी के लिए कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में वायदा करती दिखती है.
- इसके साथ ही कर्ज न चुका पाने वाले किसानों को भी बड़ी राहत देने की बात कही गई है. किसानों द्वारा कर्ज न चुका पाना अपराध के दायरे से बाहर होगा.
कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना
- कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में अपनी बहुचर्चित न्याय योजना को जगह दी है. इसके तहत गरीब परिवारों को साल का 72,000 रुपए देगी. इससे 20 प्रतिशत लोग लाभान्वित होंगे. कांग्रेस ने स्कीम के लिए ‘गरीबी पर वार, हर साल 72 हजार’ का नारा दिया है.
शिक्षा में जीडीपी का 6 प्रतिशत
- शिक्षा को लेकर कांग्रेस ने बहुत बड़ा वादा किया है. उसने शिक्षा पर 6 प्रतिशत खर्च करने की बात कही है. इसके साथ ही पार्टी उच्च शिक्षा सभी के लिए सुलभ करने को वादा की है.
गरीबों की अच्छे अस्पतालों तक पहुंच
- स्वास्थ्य के लिए सरकारी अस्पतालों का मजबूत करने का काम करने बात कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कही है. इसके साथ घोषणा पत्र में इस बात का जिक्र है कि सरकार आने पर पार्टी ऐसे कदम उठाएगी जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति को अच्छे अस्पतालों में इलाज संभव हो सके.
अर्थव्यवस्था को फिर से गति प्रदान करना
- राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यस्था अटकी हुई है. उसको फिर से चालू किया जाएगा. राजकोषीय घाटा कम करने सहित निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा.
- कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र का नाम ही ‘हम निभाएँगे’ रखा है. राहुल गांधी के हस्ताक्षर के साथ दूसरे पेज पर लिखा है कि “मेरा किया हुआ वादा मैंने कभी नहीं तोड़ा.”
- तमाम पंच लाइनों से मोदी सरकार पर इशारों इशारों में हमला किया गया है. मोदी सरकार इन पांच सालों में जो वादे नहीं निभा पाई है उसे कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भुनाने का काम की है.