सड़कों की बदहाली: 35 किमी के रास्ते में लग गए 2 घंटे, तेजस्वी का तंज- बिहार में डबल इंजन की सरकार का विकास
पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एपी शाही निचली अदालतों के निरीक्षण के लिए गए थे, लेकिन सड़क पार करते हुए वैतरणी पार करने का हुआ अनुभव
नीतीश राज में सड़कों की बदहाली की दास्तांन खुद पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एपी शाही ने सुनाई है. बीते गुरुवार को एनएच 106 पर मधेपुरा-उदाकिशुनगंज के बीच 35 किमी का सफ़र करने में उनको दो घंटे का समय लग गया. सड़कों की दुर्दशा को देखकर चीफ जस्टिस ने कहा कि सड़क नहीं वैतरणी पार कर रहे थे.
दैनिक भास्कर की ख़बर के अनुसार चीफ जस्टिस एपी शाही ने कहा कि सिर्फ 35 किमी के सफ़र में पूरे 2 घंटे लगे. सफ़र करते हुए लगा कि हम सड़क नहीं वैतरणी पार कर रहे हैं. चारों तरफ धूल ही धूल थी. सब लोग मुंह पर कपड़ा रखकर चल रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर बिहार की निचली अदालतों के निरीक्षण पर गया था. हाईवे निर्माण का काम पिछले एक साल से अधूरा पड़ा हुआ है. आस-पास धूल उड़ती है जो स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के स्वस्थ्य के लिए अच्छा नहीं है.
अधूरे काम के बारे में पूछने पर पता चला कि निर्माण कंपनी दूसरे राज्य की है और 1 साल से काम छोड़कर चली गई है और सरकार कंपनी पर कार्रवाई करने की सिर्फ कोशिश कर रही है.
ग़ौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने बिहार की सड़कों की दुर्दशा और विकास को लेकर नीतीश और मोदी सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा कि डबल इंजन की सरकार का विकास. याद है ना प्रधानमंत्री ने 1 लाख 65 हज़ार करोड़ में बिहार की बोली लगाई थी.
डबल इंजन की सरकार का विकास। याद है ना प्रधानमंत्री ने 1 लाख 65 हज़ार करोड़ में बिहार की बोली लगाई थी। pic.twitter.com/ZxqEnfpfVC
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) January 5, 2019
ज्ञात हो कि बीरपुर से उदाकिशुनगंज तक 106 किमी एनएच का निर्माण कार्य करने वाली आईएलएंडएफएस कंपनी करोड़ों रुपए के कर्ज़ से दबी हुई है. जिसकी वजह से हाईवे का निर्माण कार्य बीच में ही रूक गया. कंपनी को दिसंबर 2016 में सड़क निर्माण कार्य का काम मिला था लेकिन लगभर 2 साल का समय बीते के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है.