छत्तीसगढ़: रमन सरकार से न गाय संभली और न गवर्नेंस- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
राज्य सरकार ने नान घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सरकार के कार्यकाल में हुए नान घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है. इसको लेकर विपक्ष में बैठी भाजपा सरकार उन पर लगातार हमला कर रही है. इसके जवाब में मुख्यमंत्री बघेल ने एक ट्वीट के ज़रिये लिखा, “डॉक्टर साहेब से न तो गाय संभली और न गवर्नेंस”.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, “अभी तो हमने पिछली फाइलों से थोड़ी धूल झाड़ी है और चीख-पुकार शुरू हो गई. यह बदलाव-पुर है. यहां सबके साथ न्याय होगा. चाहे वो जंगलों में काम करने वाला आदिवासी हो या राजधानी के दफ्तर में बैठा काम करने वाला कोई अधिकारी”.
डॉ साहेब से न तो गौ संभली और न गवर्नेंस। अभी तो हमने पिछले सरकार की फाइलों से थोड़ी धूल ही झाड़ी है और चीख-पुकार शुरू गई।
यह 'बदलाव-पुर' है। यहां सबके साथ न्याय होगा। चाहे वो जंगलों में काम करने वाले आदिवासी हों या राजधानी के दफ्तर में बैठकर काम करने वाला कोई अधिकारी।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) January 9, 2019
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार नान घोटाले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है. मुख्यमंत्री ने इस मामले में कहा, “मैंने विपक्ष की बात ध्यान से सुनी है. मुझे उम्मीद थी कि उनकी आंखों से पश्चाताप के स्वर निकलेंगे. लेकिन दुर्भाग्य है कि ऐसा नहीं हो रहा. उनके तेवर आज भी वही हैं. हमारी सरकार 20 दिन पहले बनी है. इसके बावजूद लगातार सवाल हो रहे हैं कि घोषणाएं कब पूरी होंगी, कैसे होंगी? आप धीरज रखो.”
ज्ञात हो कि एसआईटी 3 महीने के अंदर 11 बिंदुओं की जांच करेगी, जिन्हें पहले की जांच में अधूरा माना गया था. बीते सोमवार को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में नान घोटाले की सुनवाई एसआईटी जांच पूरी होने तक स्थगित करने का आवेदन दिया है.