रेत माफ़िया का खुलासा करने के बाद चेन्नई की स्वतन्त्र पत्रकार संध्या रविशंकर धमकियों और उत्पीड़न की हो रही हैं शिकार
रविशंकर ने कहा कि उनके पास ‘ठोस वजह है’ यकीन करने के कि पुलिस रेत माफिया के साथ मिली हुई है।
स्वतंत्र जांच पत्रकार संध्या रविशंकर ने एक बार फिर उन्हें डराने-धमकाने एवं परेशान करने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई है। 2017 से चैन्नई पुलिस के पास दर्ज उनकी यह छठी शिकायत है। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार रविशंकर को पिछले साल उनके द्वारा रेत माफिया का खुलासा करने के बाद से उनका लगातार पीछा किया जा रहा है एवं उत्पीड़न और उनकी गोपनीयता के उल्लंघन का भी सामना करना पड़ रहा है।
संध्या रविशंकर ने अपने ट्वीट में हाल में उनके साथ घटी घटनाओं का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्होंने देखा कि उनकी बाइक का पेट्रोल ट्यूब काटा गया था। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह पेट्रोल चोरी का मामला है। लेकिन फिर उन्होंने पाया कि उनका पेट्रोल टैंक भरा हुआ था।
जब रविशंकर ने इस घटना के पिछली रात की सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो देखा कि दो व्यक्ति बुधवार को रात 11:43 बजे उनके घर के पास रुके थे। दोनों आदमियों ने हेलमेट पहना था और वे बाइक के पास गए। फिर कुछ मिनटों बाद वे वहां से चले गए लेकिन 11:51 पर वे दोबारा वहां पहुंचे और एक बार फिर रविशंकर की बाइक से छेड़छाड़ की।
इस साल अगस्त में रविशंकर ने चेन्नई के कैफे में मार्च 2017 में पूर्व डीजीपी रामानुजम के साथ अपनी बैठक के सीसीटीवी फुटेज को ‘सावुकु’ नामक एक ऑनलाइन पोर्टल द्वारा जारी करने पर उसके ख़िलाफ़ पुलिस आयुक्त के पास मामला दर्ज करवाया था। कैफे के मालिक से बात करने पर उन्हें बताया गया कि फुटेज पुलिस के अनुरोध पर डाउनलोड की गई है।
संध्या रविशंकर ने अपनी शिकायत में कहा, “मेरे पास ठोस कारण है इस बात पर यकीन करने के कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रेत माफिया के साथ मिलकर मेरा पीछा करने, फोटो खींचने और वीडियो बनाने में शामिल है।” उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी उन्हें राज्य में समुद्र तट पर कुछ प्रभावशाली रेत खनिकों के आदेश पर निशाना बना रहा था।
Two days after I filed a police complaint with the CoP on my privacy being violated and harassment being meted out, a strange incident occurs. On 27.09.2018 I went to start my bike to head to work. I found the petrol tube was cut. Initial thought was “petrol thief”. pic.twitter.com/YescYv7KlZ
— Sandhya Ravishankar (@sandhyaravishan) September 28, 2018
But then I saw that the tank was full – filled to the brim, as I had filled it that day. No petrol had gone missing. So it was not a case of petrol theft.
Upon checking CCTV footage, I found that 2 unidentified men on a bike had arrived at 23:43:40. pic.twitter.com/KB4Hpz593C— Sandhya Ravishankar (@sandhyaravishan) September 28, 2018
The rider wore a helmet and they had a bottle in hand. They tore up a cloth, did something with the bottle, then went to my bike and did something to it. They left at 23:45:05. That was not the end though. pic.twitter.com/eMXRaT6DGi
— Sandhya Ravishankar (@sandhyaravishan) September 28, 2018
They returned about 5 minutes later and do something near my bike again. They finally leave at 23:51:22. pic.twitter.com/T6a2ArB6c7
— Sandhya Ravishankar (@sandhyaravishan) September 28, 2018
CoP adviced me to file a complaint on the same with my local PS. I have done that. Police have been kind enough to increase patrolling in my street since. They are also investigating the case. Here is a copy of the complaint letter. pic.twitter.com/bQmZLE9Bxa
— Sandhya Ravishankar (@sandhyaravishan) September 28, 2018
ए शंकर, जिन्हें सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) से निलंबित कर दिया गया था, उन्होंने ही सावुकु ब्लॉग शुरू किया। रविशंकर ने कहा, “शंकर अपने ब्लॉग में मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि मैंने राजनीतिक दलों से पैसा लिया है। रेत माफिया भी यही आरोप लगा रहे हैं। यह कैसे हो सकता है कि वे भी वही बात कह रहे हैं?”
फ़िलहाल इस मामले में स्थानीय पुलिस ने रविशंकर के घर के बाहर दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और सड़क पर सुरक्षा बढ़ा दी है।