आपके फ़ेसबुक खाते पर मोदी की नज़र? CBI ने सोशल मीडिया कंपनियों को लिखा- PhotoDNA ऐप का करें इस्तेमाल
इंटरनेट विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का यह फ़ैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फ़्री इंटरनेट के कॉन्सेप्ट पर हमला है.
सीबीआई ने आम जन की निजता का हनन करने वाला एक आदेश सोशल मीडिया कंपनियों को दे दिया है. इस आदेश में कहा गया है कि फ़ेसबुक, ट्विटर जैसी कंपनियों को माइक्रोसॉफ्ट का फोटोडीएनए (PhotoDNA) सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करता होगा. अब सीबीआई अपने नियमित आपराधिक मामलों की जांच में इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करेगी. अंतराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी फ़ोटो पर रोक लगाने के लिए किया जाता है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यूरोप में इस सॉफ्टवेयर को लेकर विवाद चल रहा है. यहां भी इसका इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी पर रोक लगाने के लिए किया जा रहा था. यूरोप में ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट, यूट्यूब और फ़ेसबुक जैसी कंपनियां तो आंतकी गतिविधियों से जुड़े संदेशों पर निगरानी रखने के लिए भी इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं करती हैं.
जबकि सीबीआई ने देश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को सीआरपीसी की धारा-91 के तहत लिखा है कि तत्काल प्रभाव से जांच में सहयोग के लिए फ़ोटोडीएनए ऐप का इस्तेमाल करना होगा.
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक इस ऐप का इस्तेमाल बाल शोषण से जुड़ी तस्वीरों पर रोक लगाने के लिए किया जाता है. सोशल मीडिया के सभी उपभोक्ताओं पर इस ऐप के जरिए नज़र बनाए रखना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ छेड़छाड़ है. यह एक तरह की सेंसरशिप है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीबीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को इस ऐप की कानूनी जटिलताओं और निजता के हनन संबंधी मामलों का ध्यान नहीं था. सीबीआई ने सोशल मीडिया के पास इस संबंध में अनुरोध पत्र भेजा है, अब इसे लागू करना या ना करना उनके जिम्मे है.
इंटरनेट फ़्रीडम फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक अपर गुप्ता का कहना है कि अगर पुलिस या कोई जांच एजेंसी फ़ोटोडीएनए ऐप का इस्तेमाल करती है तो यह सीधे तौर पर सेंसरशिप कहा जाएगा. इस ऐप का इस्तेमाल बाल यौन शोषण से जुड़ी तस्वीरों पर निगरानी रखने के लिए किया जाता है.
कैसे काम करता है यह सॉफ्टवेयर
फ़ोटोडीएनए ऐप किसी भी तस्वीर का डिजिटल हस्ताक्षर या हैश तैयार करता है, इसके बाद इस हस्ताक्षर को दूसरे चित्रों के हस्ताक्षरों से मिलान किया जाता है. दोनों चित्रों का मिलान होने पर इस तरह की जितने भी चित्र बाल यौन शोषण से जुड़े होंगे, उनपर रोक लगाया जा सकेगा.
इस ऐप के डाटाबेस की देखरेख माइक्रोसॉफ्ट खुद से नहीं करता बल्कि इसे एक अमेरिकी स्वतंत्र फ़र्म गुमशुदा और बहिष्कृत बच्चों के लिए राष्ट्रीय केंद्र (एनसीएमईसी) द्वारा संचालित किया जाता है.