सीबीआई विवाद में हुई सरकार की हार, लेकिन अभी आलोक वर्मा की जीत अधूरी, नीतिगत फ़ैसले लेने पर लगी है रोक: प्रशांत भूषण
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सरकार द्वारा आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले को नियमों का उल्लंघन बताया है.
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को निरस्त कर दिया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फ़ैसले को पलट दिया है. लेकिन, यह जीत अधूरी है क्योंकि अभी वर्मा कोई बड़े नीतिगत फ़ैसले नहीं ले सकेंगे.
सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद आलोक वर्मा फिर से सीबीआई निदेशक के पद पर बने रहेंगे. हालांकि, उन्हें बड़े नीतिगत फैसले लेने से रोका गया है.
SC quashes Govt decision to remove Alok Verma as CBI Director. But does not restore the time that he was illegally kept away & further restrains him from taking policy decisions! Still, that will not prevent him from ordering registration of FIRs & dealing with investigations
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 8, 2019
प्रशांत भूषण ने कहा कि आलोक वर्मा बहाल तो हो गए हैं, लेकिन अभी उनकी शक्तियां पूरी तरह उन्हें नहीं दी गई हैं. उन्होंने कहा, “सरकार इस मामले को प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया वाली उच्च स्तरीय समिति के सामने एक हफ्ते में लाए. क्योंकि जब तक यह उच्च स्तरीय समिति निर्णय नहीं ले पाती है तब तक आलोक वर्मा कोई बड़े नीतिगत फ़ैसले नहीं ले पाएंगे.”
ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच टकराव होने के कारण सरकार ने दोनों अधिकारियों ने लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. इस फ़ैसले को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. आज आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार द्वारा आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले को नियमों का उल्लंघन बताया है.