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बुलंदशहर हिंसाः हम मुस्लिम हैं, इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है-16 दिन बाद जेल से रिहा हुए सर्फुद्दीन ने बयां किया दर्द

जब एसआईटी की जांच में चारों को निर्दोष पाए गए तो पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया.

बुलंदशहर हिंसा के शक में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 4 मुस्लिम लोगों को गिरफ़्तार किया था. लेकिन जेल से रिहा होने के बाद अपना दर्द बयां करते हुए सर्फुद्दीन ने कहा कि हम मुस्लिम हैं इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है.

जेल से रिहा हुए सर्फुद्दीन ने कहा कि मैं नहीं जानता कि अल्लाह ने मुझे सजा क्यों दी. जबकि मेरी कोई गलती भी नहीं थी. अब मेरे कीमती 16 दिन कौन लौटाएगा. जो मैंने जेल में बिताए हैं. उन्होंने कहा कि हमें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि हम मुस्लिम हैं. प्रशासन के रैवेये से निराश सर्फुद्दीन ने कहा कि हिंसा के 18 दिनों बाद भी प्रशासन असली अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रहा है.

ग़ौरतलब है कि बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज और सर्फुद्दीन दोनों एक ही गांव नयांबांस के रहने वाले हैं. जनसत्ता की ख़बर के अनुसार सर्फुद्दीन ने आरोप लगाते हुए कहा कि “योगेश राज ने ही साजिश कर मुझे आरोपी बनवाया है. मैं गांव की वक्फ़ मदनी मस्जिद का अध्यक्ष हूं और कुछ समय से मैंने मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने और मस्जिद का कुछ निर्माण कार्य कराने की कोशिश कर रहा था. लेकिन योगेश राज इस बात का विरोध कर रहा था.”

पुलिस ने हिंसा के आरोप में योगेश राज के साथ सर्फुद्दीन, साजिद, आसिफ और बन्ने के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज की थी. जिसके तहत चारों की गिरफ़्तारी कर उन्हें जेल में डाल दिया था. हालांकि जब एसआईटी की जांच में चारों को निर्दोष पाए गए तो पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया.

वहीं जेल से रिहा हुए साजिद ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रहता है और बुलंदशहर में तबलिगी इज्तेमा में शामिल होने आया था. लेकिन पुलिस एफआईआर में उसका नाम भी शामिल था इसलिए उसे भी गिरफ़्तार करके जेल में डाल दिया गया था. इसी तरह आसिफ और बन्ने को भी हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

हालांकि सर्फुद्दीन ने मीडिया और एसआईटी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने हमारे तथ्यों को सामने रखा. जिससे हमारे ऊपर लगे आरोप गलत साबित हुए और हमें न्याय मिला.

ज्ञात हो कि 3 दिसंबर को बुलंदशहर में अचानक गोकशी की झूठी अफवाह फैलने के कारण हिंसा भड़क उठी थी. जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और 20 वर्षीय सुमित नामक युवक की मौत हो गई थी.

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