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बुलंदशहर: पिछले साल गौहत्या में शामिल 316 संदिग्धों को गिरफ़्तार करने जा रही है यूपी पुलिस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद पिछले 10 सालों मे गौहत्या के आरोपियों की सूची बनाई जा रही है.

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ सालों में गौहत्या के आरोपियों को गिरफ़्तार करने जा रही है. ऐसे में 316 लोगों को गिरफ़्तार किया जाना है. 3 दिसंबर को बुलंदशहर में भड़की हिंसा की जांच के दौरान योगी सरकार ने यह फ़ैसला लिया है.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि इन लोगों की गिरफ़्तारी का आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया गया है. सरकार गौहत्या से जुड़े सभी आरोपियों को बुलंदशहर हिंसा मामले में जांच के दायरे में लाना चाहती है. मार्च 2017 तक 316 लोगों के नाम अप्रत्यक्ष रूप से गौहत्या में शामिल होने के मामले में सामने आए थे.

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने उस समय कोई गिरफ़्तारी नहीं की क्योंकि पुलिस को संदिग्धों के ख़िलाफ़ ठोस सबूत नहीं मिले थे. मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस महानिदेशक ओ.पी सिंह ने निर्देश दिया है कि उन सभी लोगों को गिरफ़्तार कर यह पता लगाया जाए कि क्या वे लोग 3 दिसंबर को बुलंदशहर में हुई हिंसा में शामिल थे या नहीं.

बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने कहा कि हम पिछले 10 सालों में गाय हत्या या तस्करी के सभी आरोपियों की सूची तैयार कर रहे हैं. हम जानना चाहते हैं कि वे लोग क्या कर रहे हैं और जेल से रिहा होने के बाद कहां रह रहे हैं. कुमार ने यह भी कहा कि अगर वे लोग दोबार इस तरह के अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उनके पूरे परिवार को जेल में डाल दिया जाएगा.

हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने निजी तौर पर स्वीकार किया है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के फ़रार तीनों आरोपी (योगेश राज, उपेंद्र राघव और शिखर अग्रवाल) की तलाश करने को कहा गया है. पुलिस का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने उनसे कहा था कि तीनों आरोपी आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं. हालांकि अधिकारियों ने इसके लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई.

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