भाजपा में सदस्यता घोटाला: मिस्ड कॉल के जरिए बने थे 1 करोड़ सदस्य, 57 लाख ग़ायब, अमित शाह की बढ़ी चिंता
जिन 1 करोड़ लोगों ने मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता ली थी, उन्हें फ़ोन किया गया तो 57 लाख लोगों के फ़ोन पहुंच से बाहर थे.
मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का एक अनोखा घोटाला सामने आया है. प्रदेश में मिस्ड कॉल के जरिए भाजपा सदस्य बने लाखों लोग लापता हो गए हैं. दरअसल, प्रदेश भाजपा संगठन ने अपने 1 करोड़ सदस्यों का डिजिटल सत्यापन करवाया, जिसमें से करीब 57 लाख लोगों का कोई अता पता नहीं है.
पत्रिका की ख़बर के अनुसार पार्टी ने मिस्ड कॉल वाले एक-एक नबंर पर फोन कर सदस्यों से संपर्क करने का प्रयास किया. जिसमें 57 लाख सदस्यों के नबंर आउट ऑफ सर्विस आए. इस बात का पता चलते ही पार्टी में हड़कंप मच गया.
‘मिस्ड कॉल’ घोटाला 🤔 pic.twitter.com/B189E7ekoE
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) February 23, 2019
सत्यापन की इस प्रक्रिया में यह बात भी सामने आई है कि 1 करोड़ सदस्यों का आंकड़ा प्राप्त करने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट की मदद से अलग-अलग नबंरों से मिस्ड कॉल कर सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई है.
सत्यापन में भाजपा सदस्यों के लापता होने पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नाराज़गी जाहिर की है. वहीं इस मामले में प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष विजेश लूनावत का कहना है कि हमने एक करोड़ सदस्य बनाए थे. इनमें से कोई सदस्य हमसे दूर नहीं हुआ है. लेकिन, सत्यापन की इस प्रक्रिया में पूरी संख्या नहीं मिल पाई. माना जा रहा है कि बहुत सारे उपभोक्ता जियो में शिफ्ट हो गए.
ग़ौरतलब है कि साल 2014 अमित शाह ने मिस्ड कॉल से भाजपा सदस्य बनने का अभियान शुरू किया था. शाह ने मध्य प्रदेश को 1 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया था. क्योंकि वहां तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी थी. हालांकि जो आंकड़े अब सामने आए हैं, उससे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की चिंता बढ़ना लाज़मी है.