प्रधानमंत्री मोदी अपना मन साफ़ करें, हमारे पैर नहीं- सामाजिक कार्यकर्ता बेजवाड़ा विल्सन
बेजवाड़ा विल्सन ने कहा कि ” 1.6 लाख महिलाएं आज भी गंदगी साफ करने को मजबूर हैं. लेकिन, पिछले 5 सालों में इनके लिए कुछ नहीं किया. शर्म की बात है.”
सफाईकर्मियों के पैर धोने को लेकर सफाई कर्मचारी आंदोलन के संस्थापक बेजवाड़ा विल्सन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री अपना मन साफ करें ना कि हमारा पैर.
बेजवाड़ा विल्सन ने ट्विटर पर लगातार कई पोस्ट लिखे, जिसमें कहा, “पीएम मोदी आप अपने मन को साफ करें ना कि हमारे पैरों को. यह अपमान का उच्चतम रूप है. 1.6 लाख महिलाएं आज भी गंदगी साफ करने को मजबूर हैं. लेकिन, पिछले 5 सालों में इनके लिए कुछ नहीं किया. शर्म की बात है.”
Clean your mind not our feet, Mr. PM! Highest form of humiliation. 1.6 lac women still forced to clean shit, not a single word in five years. What a shame! #StopKillingUs https://t.co/Hs898ZJlT5
— Bezwada Wilson (@BezwadaWilson) February 24, 2019
भारत में मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण होने वाली मौतों के लिए भी विल्सन ने पीएम पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अकेले 2018 में सीवर और सेप्टिक टैंक में 105 लोग मारे गए. तब आपने चुप्पी साधी थी. अब पैर धोना न्याय नहीं है.
In his book, Karmayogi, PM Narendra Modi talks of manual scavenging as a "spiritual experience". I urge him to ask a manual scavenger if s/he feels even remotely spiritual while cleaning other people's excreta. #StopKillingUs https://t.co/v33WlVspXh
— Bezwada Wilson (@BezwadaWilson) February 25, 2019
विल्सन ने अपने अगले ट्वीट में नरेन्द्र मोदी के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी पुस्तक में उन्होंने लिखा था, “ इस कार्य से श्रमिकों को अध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है.” विल्सन ने कहा कि, “ अफ़सोस है! सीएम होते हुए उन्होंने अध्यात्मिक रूप से गंदगी को साफ किया और अब पीएम के रूप में पैर धोकर अन्याय को महिमामंडित किया है.” यह बाबा साहेब अंबेडकर के मिशन झाड़ू छोड़ो, कलम पकड़ो के ख़िलाफ़ है.