असम: नहीं होगा दोबारा एनआरसी और फिर से जांच, सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार की मांग किया खारिज
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआरसी डेटा मामले में गोपनीयता सुनिश्चत करने का भी निर्दश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें एनआरसी को दोबारा कराने और फिर से जांच करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने कहा कि कुछ कानूनी चुनौतियां खड़ी किए जाने की वजह से इसे दोहराने का आदेश नहीं दिया जा सकता है. सरकार को असम एनआरसी सूची से बाहर रखे गए लोगों के नाम को 31 अगस्त को ऑनलाइन प्रकाशित करना होगा.
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआरसी डेटा मामले में गोपनीयता सुनिश्चत करने का भी निर्दश दिया है. पीठ ने अपने आदेश में कहा, “जिला कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाने वाले इनक्लूजन (नाम जोड़े गए) और एक्सक्लूजन (नाम हटाए गए) की सूचियों की केवल हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी. धारा 66ए आदेश में निर्धारित कानून के अनुसार एनआरसी को अपडेट किया जाना चाहिए.’
"Only hard copies of lists of inclusions and exclusions to be provided at district offices. NRC to be updated according to law laid down in section 66a Judgment", the Supreme Court bench headed by Chief Justice of India Ranjan Gogoi said https://t.co/1WESySuxSo
— ANI (@ANI) August 13, 2019
इस आदेश को सरकार के लिए झटका माना जा रहा है. बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सूची जारी करने की तारीख़ 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी थी.
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उस याचिका के संदर्भ में आया है जिसमें एनआरसी कॉर्डिनेटर के तरफ से अपील किया गया था. उन्होंने मांग की थी कि नयी सूची व्यापक और सही हो इसके लिए जरूरी है कि इसमें सभी वैध व्यक्तियों के नाम जोड़े जाएं और अवैध व्यक्तियों के नाम हटाए जाए, इसके लिए और समय की जरूरत है.